अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने 20 मई 2026 को क्यूबा के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर स्पेनिश भाषा में एक वीडियो संदेश जारी किया। विदेश मंत्री के रूप में यह पहली बार था जब रूबियो ने सीधे क्यूबा की जनता को संबोधित किया। इस संदेश में उन्होंने क्यूबा के लोगों को "नए संबंध" की पेशकश की और $100 मिलियन की खाद्य एवं चिकित्सा सहायता देने की घोषणा की। 20 मई का दिन क्यूबा के इतिहास में विशेष महत्व रखता है क्योंकि 1902 में इसी दिन क्यूबा को स्पेन और अमेरिकी सैन्य शासन से स्वतंत्रता मिली थी, हालांकि क्यूबा की वर्तमान कम्युनिस्ट सरकार इस तिथि को नहीं मनाती और इसके बजाय 1 जनवरी को कास्त्रो की क्रांति की वर्षगांठ मनाती है।
रूबियो ने अपने संदेश में क्यूबा की जनता की कठिनाइयों के लिए देश के कम्युनिस्ट नेतृत्व को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि क्यूबा में बिजली की भारी कमी, ईंधन का अभाव और खाद्य संकट जैसी समस्याएं सरकार की विफल नीतियों का परिणाम हैं। रूबियो ने विशेष रूप से GAESA पर निशाना साधा, जो कि राउल कास्त्रो द्वारा स्थापित सैन्य-नियंत्रित व्यापारिक समूह है। उन्होंने बताया कि GAESA के पास $18 बिलियन की संपत्ति है और यह क्यूबा की 70 प्रतिशत अर्थव्यवस्था पर नियंत्रण रखता है, जबकि इसका राजस्व सरकारी बजट से तीन गुना अधिक है।
$100 मिलियन की सहायता पेशकश के साथ रूबियो ने एक महत्वपूर्ण शर्त भी रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सहायता, जिसमें खाद्य सामग्री और दवाइयां शामिल हैं, सीधे क्यूबा की जनता तक पहुंचनी चाहिए। इसके लिए वितरण का कार्य कैथोलिक चर्च या अन्य विश्वसनीय धर्मार्थ संगठनों के माध्यम से किया जाना चाहिए। रूबियो ने यह भी कहा कि यह सहायता GAESA या क्यूबा सरकार के हाथों से नहीं गुजरेगी, क्योंकि अमेरिका का मानना है कि सरकारी चैनलों से भेजी गई सहायता आम नागरिकों तक नहीं पहुंचती।
इस वीडियो संदेश को हवाना पर अमेरिकी दबाव अभियान के व्यापक संदर्भ में देखा जा रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप प्रशासन का कहना है कि वह क्यूबा की जनता के साथ सीधे "नए संबंध" बनाना चाहता है, न कि GAESA या सत्तारूढ़ सरकार के साथ। यह रणनीति क्यूबा की सरकार और उसकी जनता के बीच अंतर करने पर आधारित है। रूबियो, जो स्वयं क्यूबाई मूल के अमेरिकी हैं, ने स्पेनिश में संदेश देकर क्यूबा के लोगों से सीधा संपर्क स्थापित करने का प्रयास किया।
क्यूबा की कम्युनिस्ट सरकार ने अभी तक इस पेशकश पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि GAESA के माध्यम से सैन्य नेतृत्व द्वारा अर्थव्यवस्था पर इतने बड़े नियंत्रण को देखते हुए, सरकार के लिए इन शर्तों को स्वीकार करना कठिन होगा। क्यूबा पिछले कई वर्षों से गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है, जहां बिजली कटौती, खाद्य पदार्थों की कमी और बुनियादी सुविधाओं का अभाव आम नागरिकों के दैनिक जीवन को प्रभावित कर रहा है। इस स्थिति में अमेरिका की यह पेशकश क्यूबा की राजनीतिक गतिशीलता पर क्या प्रभाव डालेगी, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।
