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लखनवू के मलिहाबाद कस्मंडी कला इलाके में एक प्राचीन किले को लेकर धार्मिक विवाद तेज हो गया है। प्रशासन ने बकरीद की नमाज और सभी धार्मिक गतिविधियों पर रोक लगा दी है लेकिन हिंदू महासभा ने किले के बाहर पूजा की।
लखनवू के मलिहाबाद स्थित कस्मंडी कला इलाके में एक प्राचीन किले को लेकर धार्मिक विवाद और भी गहरा हो गया है। बढ़ते तनाव को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आगामी बकरीद की नमाज और किसी भी प्रकार की धार्मिक गतिविधि पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
प्रशासन के इस आदेश के बावजूद हिंदू महासभा के नेता और कार्यकर्ता किले के बाहर पहुंचकर पूजा-पाठ करते दिखे। विवाद तब और बढ़ गया जब पासी समुदाय ने इस विवादित स्थल पर सुंदरकांड का पाठ करने का एलान किया। हिंदू महासभा के लोग सुंदरकांड पाठ के लिए पहुंचे लेकिन मौजूद पुलिस और पीएसी ने उन्हें रोक दिया।
जब सुंदरकांड पाठ की इजाजत नहीं दी गई तो हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं ने किले के बाहर ही प्रतीकात्मक पूजा शुरू कर दी। वहां थाली में पूजा सामग्री, धूपबत्ती और अन्य सामान लेकर लोग एकत्रित हुए और विवादित इमारत की ओर मुंह करके पूजा अर्चना की।
इस बीच पूरा उत्तर प्रदेश बकरीद को लेकर हाई अलर्ट मोड पर है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस की निगरानी रखी गई है ताकि त्योहार के उत्साह में किसी प्रकार का कोई खलल न पड़े और शांति बनी रहे। प्रशासन ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।
यह विवाद एक ऐसे समय में सामने आया है जब देश भर में बकरीद की तैयारियां जोरों पर हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में प्रशासन को त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए ताकि सांप्रदायिक सद्भाव बना रहे और किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस न पहुंचे।