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नासिक में प्याज की कीमतों में भारी गिरावट के खिलाफ किसानों ने शरद पवार गुट के नेताओं के साथ प्रदर्शन किया और सड़कों पर प्याज फेंकी। रोहित पवार सहित कई नेताओं को हिरासत में लिया गया। किसानों को 50 पैसे से लेकर 7 रुपये प्रति किलो तक दाम मिल रहे हैं।
महाराष्ट्र के नासिक में प्याज की कीमतों में आई भारी गिरावट से परेशान किसानों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने अपनी नाराजगी जताते हुए सड़कों पर प्याज फेंककर सरकार के प्रति अपना गुस्सा व्यक्त किया। शरद पवार गुट के नेताओं ने भी किसानों के साथ मिलकर इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता रोहित पवार सहित कई अन्य नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। किसान नेताओं का कहना है कि सरकार की उदासीनता के कारण किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है।
नासिक क्षेत्र भारत में प्याज उत्पादन का प्रमुख केंद्र है और यहां के किसानों की आजीविका बड़े पैमाने पर प्याज की खेती पर निर्भर करती है। वर्तमान में किसानों को प्याज के लिए मात्र 50 पैसे से लेकर 7 रुपये प्रति किलो तक दाम मिल रहे हैं, जो उत्पादन लागत से भी कम है।
किसानों का कहना है कि बाजार में अधिक आपूर्ति और सरकारी खरीद की कमी के कारण प्याज के दाम लगातार गिर रहे हैं। वहीं उपभोक्ताओं को बाजार में प्याज कहीं अधिक कीमत पर मिल रही है, जिससे बिचौलियों पर सवाल उठ रहे हैं। किसान सरकार से न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने और सीधी खरीद की मांग कर रहे हैं।
प्याज की कीमतों का मुद्दा महाराष्ट्र की राजनीति में हमेशा से संवेदनशील रहा है और कई बार चुनावी परिणामों को भी प्रभावित कर चुका है। विपक्ष ने सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए मांग की है कि तत्काल प्रभाव से किसानों को राहत दी जाए और बाजार हस्तक्षेप के माध्यम से कीमतों को स्थिर किया जाए।