भारत में इन दिनों भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है और स्थिति दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है। ताजा आंकड़ों के अनुसार दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों में 97 शहर भारत के हैं, जिनमें अकेले उत्तर प्रदेश के 41 शहर शामिल हैं। मिर्जापुर, प्रयागराज, वाराणसी और अन्य शहरों में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। ओडिशा के बालांगीर और कटक में भी पारा 48 डिग्री के पार दर्ज किया गया है।
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़ और आंध्र प्रदेश के लिए 19 से 25 मई तक रेड अलर्ट जारी किया है। राजस्थान की राजधानी जयपुर में दिन का तापमान 44 डिग्री और रात का तापमान भी 35-36 डिग्री तक बना हुआ है, जिससे लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में भी हीटवेव की स्थिति देखी जा रही है, जो असामान्य है।
अत्यधिक गर्मी का सबसे अधिक प्रभाव बच्चों और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। अस्पतालों में हीटस्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। बच्चों के अस्पतालों में भर्ती की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घर से बाहर न निकलने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण भारत में गर्मी की तीव्रता और अवधि दोनों बढ़ रही हैं। पिछले दशक की तुलना में इस वर्ष गर्मी का मौसम पहले शुरू हुआ और तापमान के रिकॉर्ड तोड़ने का सिलसिला जारी है। किसानों की फसलों पर भी इसका गंभीर असर पड़ रहा है और जल संकट गहराता जा रहा है।
