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भारत में रोजाना 77.6 करोड़ डिजिटल पेमेंट, UPI से अब सीधे PF का पैसा निकालें

भारत में रोजाना 77.6 करोड़ डिजिटल पेमेंट, UPI से अब सीधे PF का पैसा निकालें

RBI की रिपोर्ट के अनुसार भारत में प्रतिदिन औसतन 77.6 करोड़ डिजिटल भुगतान हो रहे हैं। अब UPI के जरिए सीधे भविष्य निधि का पैसा बैंक खाते में निकाला जा सकेगा।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारत में अब प्रतिदिन औसतन 77.6 करोड़ डिजिटल भुगतान हो रहे हैं, जो दुनिया में सबसे अधिक है। इस आंकड़े ने भारत को वैश्विक डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में निर्विवाद नेता के रूप में स्थापित कर दिया है। इनमें से अधिकांश लेनदेन यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के माध्यम से होते हैं, जिसने देश के करोड़ों नागरिकों के लिए पैसे भेजना और प्राप्त करना अत्यंत सरल बना दिया है। चाय की दुकान से लेकर बड़े शॉपिंग मॉल तक, हर जगह UPI ने नकदी की जगह ले ली है।

इस डिजिटल क्रांति को और आगे बढ़ाते हुए, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक बड़ी घोषणा की है। अब UPI उपयोगकर्ता सीधे अपने भविष्य निधि (Provident Fund) का पैसा अपने बैंक खाते में निकाल सकेंगे। यह सुविधा करोड़ों कर्मचारियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि पहले PF निकासी की प्रक्रिया काफी लंबी और जटिल होती थी। इस नई सुविधा से PF का पैसा कुछ ही क्लिक में सीधे बैंक खाते में आ जाएगा, जिससे लाखों श्रमिकों और वेतनभोगी कर्मचारियों को तत्काल राहत मिलेगी।

भारत की डिजिटल भुगतान यात्रा एक अभूतपूर्व सफलता की कहानी है। जहां कुछ साल पहले तक अधिकांश लेनदेन नकदी में होते थे, वहीं आज सब्जी विक्रेता से लेकर ऑटो रिक्शा चालक तक सभी QR कोड से भुगतान स्वीकार करते हैं। UPI ने न केवल शहरी भारत बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी डिजिटल भुगतान को सुलभ बनाया है। प्रतिदिन 77.6 करोड़ लेनदेन का मतलब है कि भारत की 140 करोड़ आबादी में से लगभग हर दूसरा व्यक्ति रोजाना कम से कम एक डिजिटल भुगतान कर रहा है, जो इस तकनीक की व्यापक स्वीकार्यता को दर्शाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का फिनटेक मॉडल अन्य विकासशील देशों के लिए एक आदर्श उदाहरण बन चुका है। कई देश भारत के UPI सिस्टम को अपनाने पर विचार कर रहे हैं और कुछ ने इसे लागू भी किया है। RBI की इस रिपोर्ट ने साबित कर दिया है कि डिजिटल इंडिया अभियान ने जमीनी स्तर पर गहरा प्रभाव डाला है। भविष्य निधि जैसी सरकारी सेवाओं को UPI से जोड़ना यह दर्शाता है कि सरकार डिजिटल भुगतान के दायरे को केवल खरीदारी तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि नागरिकों की हर वित्तीय जरूरत को इस प्लेटफॉर्म पर लाने की दिशा में काम कर रही है।

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