बुधवार 21 मई को भारत ने गर्मी का एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया जो अभूतपूर्व है। AQI.IN वेबसाइट के आंकड़ों के मुताबिक दोपहर 2 बजे दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों में 97 शहर भारत के थे। इस सूची में सिर्फ तीन गैर-भारतीय शहर शामिल थे: नेपाल का धनगढ़ी 41वें स्थान पर, पाकिस्तान का लाहौर 66वें स्थान पर और नेपाल का नेपालगंज 99वें स्थान पर। इससे पहले कभी भी इतनी बड़ी संख्या में भारतीय शहरों ने वैश्विक गर्मी की सूची पर इस तरह का दबदबा नहीं बनाया था।
सबसे अधिक तापमान ओडिशा के बालांगीर और कटक में दर्ज किया गया, जहां पारा 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। उत्तर प्रदेश इस सूची में सबसे अधिक प्रभावित प्रदेश रहा, जिसके 41 शहर दुनिया के 100 सबसे गर्म शहरों में शामिल थे। यूपी के मिर्जापुर, प्रयागराज और वाराणसी में भी तापमान 48 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो ओडिशा के बराबर था। इन आंकड़ों ने उत्तर प्रदेश को दुनिया का सबसे गर्म क्षेत्र बना दिया।
यूपी के कई अन्य शहरों में भी पारा खतरनाक स्तर पर पहुंचा। पीलीभीत, फिरोजाबाद, बागपत, हापुड़, सहारनपुर, शामली, मथुरा और अयोध्या में 47 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। 46 डिग्री वाले शहरों में भी यूपी के कई और शहर शामिल रहे। आगरा, बहराइच, ग्रेटर नोएडा, झांसी और गाजीपुर में 45 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। मौसम विभाग ने भीषण लू (हीटवेव) के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस असाधारण गर्मी के पीछे कई कारण हैं। थार रेगिस्तान से आने वाली गर्म पश्चिमी हवाएं उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में तपन बढ़ा रही हैं। बादलों की अनुपस्थिति के कारण सूरज की किरणें सीधे जमीन पर पड़ रही हैं, जिससे तापमान और बढ़ जाता है। इसके अलावा शहरी क्षेत्रों में कंक्रीट और सीमेंट की सतहों से उत्पन्न होने वाला अर्बन हीट आइलैंड प्रभाव भी तापमान को कई डिग्री अतिरिक्त बढ़ा देता है। यह स्थिति अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है और लोगों को दोपहर में घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।
