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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सियोल में दक्षिण कोरिया के साथ रक्षा और साइबर सुरक्षा सहयोग को मजबूत किया

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सियोल में दक्षिण कोरिया के साथ रक्षा और साइबर सुरक्षा सहयोग को मजबूत किया

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सियोल में दक्षिण कोरिया के मंत्रियों से मुलाकात कर रक्षा उद्योग, साइबर सुरक्षा और तकनीकी सहयोग पर चर्चा की। उन्होंने राष्ट्रीय कब्रिस्तान में वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की।

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में महत्वपूर्ण बैठकों की एक श्रृंखला में भाग लिया, जहां उन्होंने दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए व्यापक चर्चा की। इन बैठकों के दौरान राजनाथ सिंह ने दक्षिण कोरिया के कार्यक्रम प्रशासन मंत्री ली योंग-चोल से मुलाकात की और रक्षा, रक्षा उद्योग, साइबर सुरक्षा, तकनीकी सहयोग तथा रणनीतिक साझेदारी जैसे अनेक विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया।

दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि भारत और कोरिया गणराज्य के बीच विश्वसनीय रणनीतिक साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून ने कई क्षेत्रों में इस साझेदारी को आगे बढ़ाने पर विशेष बल दिया है। रक्षा क्षेत्र अब द्विपक्षीय सहयोग का एक तेजी से महत्वपूर्ण स्तंभ बनकर उभर रहा है, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास और साझा सुरक्षा हितों को दर्शाता है।

सियोल में अपनी बैठकों से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कोरिया के राष्ट्रीय कब्रिस्तान का दौरा किया, जहां उन्होंने देश की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले कोरियाई वीर सैनिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने स्मारक पर पुष्प अर्पित कर शहीद सैनिकों की वीरता और बलिदान को नमन किया। यह यात्रा भारत और दक्षिण कोरिया के बीच सैन्य परंपराओं और सम्मान की साझा भावना को रेखांकित करती है।

राष्ट्रीय कब्रिस्तान में श्रद्धांजलि देने के बाद राजनाथ सिंह ने कहा कि वीर सैनिकों का साहस, समर्पण और देशभक्ति आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी। उनके इस बयान ने सैनिकों के प्रति गहरी श्रद्धा और सम्मान की भावना को प्रकट किया। रक्षा मंत्री की यह दक्षिण कोरिया यात्रा भारत-कोरिया संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है, जिसमें रक्षा और प्रौद्योगिकी सहयोग केंद्रीय भूमिका निभा रहे हैं।

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