असम और अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। दोनों राज्यों में हालात मुश्किल हैं और जमीनी नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्र से एक टीम प्रभावित इलाकों में पहुंची है, जहां तबाही का असर साफ नजर आ रहा है।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण यानी ASDMA के अनुसार, राज्य के छह जिलों में करीब 40 हजार से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं। निचले इलाकों में पानी भर जाने से आम लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों की ओर ले जाने की जरूरत महसूस की जा रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, अरुणाचल प्रदेश से बहकर आने वाला पानी आगे जाकर ब्रह्मपुत्र नदी में मिलता है, जिससे नदी के किनारे बसे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ जाता है। इस साल भी लगातार हो रही भारी बारिश ने इस पूरी व्यवस्था पर दबाव डालकर स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
प्रधानमंत्री के निर्देश पर दिल्ली से आई एक टीम मुख्यमंत्री के साथ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रही है। टीम के सदस्यों ने बताया कि वे स्थानीय लोगों और भाई-बहनों से सीधे बातचीत कर रहे हैं, और मौके पर देखने के बाद यह स्पष्ट है कि नुकसान बहुत भयानक और जबरदस्त हुआ है।
टीम का कहना है कि वह पूरे दल के साथ बैठक करेगी और हुए नुकसान का आकलन करेगी। इसके अगले दिन इटानगर तथा कुछ अन्य इलाकों का भी दौरा करने की योजना है, ताकि जमीनी हालात को नजदीक से समझा जा सके और जनता की तकलीफ के हिसाब से राहत के कदम तय किए जा सकें।
मुख्यमंत्री ने बाढ़ की मौजूदा स्थिति को लेकर एक अंतरिम रिपोर्ट भी सौंपी है। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य जारी हैं और प्रशासन मदद पहुंचाने में जुटा है। आने वाले दिनों में मौसम और नदियों के जलस्तर पर करीबी नजर रखी जा रही है, क्योंकि लगातार बारिश की आशंका बनी हुई है।
