जम्मू कश्मीर के डोडा जिले के ठतरी कस्बे में बादल फटने से भारी तबाही मच गई है। पहाड़ों से आए मलबे और फ्लैश फ्लड ने पूरे बाजार को अपनी चपेट में ले लिया। चंद मिनटों में पूरा इलाका भयानक बाढ़ में बदल गया।
कारें और मोटरसाइकिलें सब कुछ पानी की धार में बह गईं। लोगों के घरों में पानी घुस गया और सड़कें समंदर बन गईं। अचानक हुई इस आपदा ने पूरे कस्बे को हिलाकर रख दिया।
सबसे चिंताजनक बात यह रही कि स्कूल जाने वाले बच्चे पानी में फंस गए। स्थानीय लोगों ने खुद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और बच्चों को सैलाब की जद से बाहर निकाला। राहत की बात यह है कि अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
किश्तवार में भी बादल फटने की वजह से भारी तबाही मची है। लोगों को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। इस भयावह मंजर को देख लोग सिहर गए और एक दूसरे को खतरे से आगाह करते नजर आए।
स्थानीय प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है। इलाके में रह रहे लोगों को भी अलर्ट पर रखा गया है। अधिकारी हर संभव मदद पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं और बचाव दलों को तैनात किया गया है।
जम्मू कश्मीर में बादल फटने की घटनाएं मानसून के मौसम में बार बार होती हैं लेकिन इस बार का प्रकोप विशेष रूप से भयानक रहा। पहाड़ी इलाकों में बसे कस्बों और गांवों की भौगोलिक स्थिति उन्हें इस प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील बनाती है।
प्रशासन ने ऊंचाई वाले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और खतरनाक स्थानों से दूर रहने की अपील की है। बचाव कार्य जारी है और नुकसान का पूरा आकलन होने में अभी समय लग सकता है।
