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NEET-UG 2026 परीक्षा पेपर लीक के कारण रद्द, सरकार ने 2027 से कंप्यूटर आधारित परीक्षा की घोषणा की

NEET-UG 2026 परीक्षा पेपर लीक के कारण रद्द, सरकार ने 2027 से कंप्यूटर आधारित परीक्षा की घोषणा की

NEET-UG 2026 परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दी गई। सरकार ने 21 जून को पुनः परीक्षा और 2027 से कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) में पूर्ण रूप से स्थानांतरण की घोषणा की है।

राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने NEET-UG 2026 परीक्षा को पेपर लीक के व्यापक आरोपों के बाद पूरी तरह रद्द कर दिया है। 3 मई 2026 को आयोजित इस परीक्षा के प्रश्नपत्र परीक्षा से कुछ दिन पहले ही व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप्स पर प्रसारित होने की रिपोर्ट सामने आई थीं। CBI ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है और पुणे में आरोपी शिवराज माटेगोंकर की कोचिंग क्लासेज को नगर निगम ने सील कर दिया है।

सरकार ने 21 जून 2026 को पुनः परीक्षा (री-एग्जाम) आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस बार परीक्षा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तर की समितियों, पुलिस अधीक्षकों और कलेक्टरों के साथ व्यापक समन्वय किया जा रहा है। इसके अलावा केंद्रीय एजेंसियों और खुफिया एजेंसियों के साथ भी बैठकें की गई हैं ताकि किसी भी प्रकार की धांधली को रोका जा सके।

सबसे महत्वपूर्ण घोषणा यह है कि 2027 से NEET-UG परीक्षा पूरी तरह कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) प्रारूप में स्थानांतरित हो जाएगी। वर्तमान पेन एंड पेपर टेस्ट (TPT) मोड में प्रश्नपत्र भौतिक रूप से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाए जाते हैं, जिससे लीक का खतरा बना रहता है। CBT मोड में प्रश्नपत्र डिजिटल रूप में एन्क्रिप्टेड भेजे जाएंगे और परीक्षा के समय ही सिस्टम पर डिक्रिप्ट किए जाएंगे।

सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ भी सख्त कदम उठाए हैं। गूगल, मेटा (फेसबुक और इंस्टाग्राम) और टेलीग्राम को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे चैनलों और ग्रुप्स को ब्लॉक करें जो परीक्षा में धांधली करने या गलत सूचना फैलाने में संलिप्त हों। संसदीय समिति ने NTA प्रमुख और उच्च शिक्षा विभाग के सचिव को तलब कर पूछताछ की है।

NEET-UG भारत की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा है जिसमें हर साल लगभग 23 लाख अभ्यर्थी शामिल होते हैं। पिछले कई वर्षों में 89 पेपर लीक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं जिनसे एक करोड़ अस्सी लाख से अधिक छात्र प्रभावित हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि CBT में पूर्ण स्थानांतरण एक सही कदम है, हालांकि 23 लाख अभ्यर्थियों के लिए बुनियादी ढांचे और लॉजिस्टिक्स की चुनौतियां बनी रहेंगी।

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