भारत में भीषण गर्मी के बीच बिजली की खपत ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। 21 मई को बिजली की मांग ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए, जिसके चलते देश के कई राज्यों में भारी बिजली कटौती की स्थिति बन गई। घर-घर में यह सवाल पूछा जा रहा है कि बिजली कब आएगी।
ग्रेटर नोएडा में बिजली कटौती से परेशान लोगों का गुस्सा बिजली विभाग के कर्मचारियों पर फूट पड़ा। शिकायत पर जब बिजली विभाग के कर्मचारी एक इलाके में मरम्मत के लिए पहुंचे, तो गुस्साए लोगों ने उन पर हमला कर दिया। लोगों का कहना है कि बिजली नहीं होने से काम नहीं हो पा रहा, बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजली संकट को गंभीरता से लेते हुए मामले को अपने हाथों में लिया है। बिजली की बढ़ती मांग और आपूर्ति के बीच का अंतर हर दिन बढ़ता जा रहा है, जिससे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में लोग बुरी तरह प्रभावित हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार इस साल गर्मी का तापमान सामान्य से कहीं अधिक है, जिसके कारण एयर कंडीशनर और कूलर का उपयोग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। बिजली ग्रिड पर अत्यधिक भार के कारण कई जगह ट्रांसफॉर्मर जल रहे हैं और बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हो रही हैं।
बिजली का संकट सिर्फ असुविधा का नहीं बल्कि स्वास्थ्य का भी मुद्दा बन गया है। लंबी बिजली कटौती के दौरान बुजुर्गों और बच्चों को हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। सरकार ने बिजली कंपनियों को अतिरिक्त बिजली खरीदने और कटौती को न्यूनतम करने के निर्देश दिए हैं।
