संयुक्त राष्ट्र की खाद्य और कृषि संगठन (FAO) ने रोम के ऐतिहासिक प्लेनरी हॉल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संगठन का सर्वोच्च सम्मान एग्रीकोला मेडल प्रदान किया है। यह पुरस्कार वर्ष 2022 के लिए दिया गया है और इसे खाद्य सुरक्षा, कृषि विकास तथा किसानों के कल्याण में भारत के उल्लेखनीय योगदान की मान्यता के रूप में देखा जा रहा है। FAO के महानिदेशक ने समारोह में कहा कि भूख के खिलाफ लड़ाई सबसे महान मिशन है और भारत ने इस दिशा में विश्व को नेतृत्व प्रदान किया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह पुरस्कार भारत के करोड़ों किसानों, पशुपालकों, मत्स्यपालकों, कृषि वैज्ञानिकों और श्रमिकों को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि भारत के लिए खाद्य सुरक्षा केवल नीतिगत मामला नहीं बल्कि मानवता के प्रति जिम्मेदारी है। मोदी ने यह भी कहा कि भारत में कृषि केवल फसल उगाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह किसानों के धरती माता के साथ गहरे संबंध को दर्शाती है।
FAO के महानिदेशक ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी भारत की ग्रामीण जनता के लिए आशा का प्रतीक रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब खाद्य असुरक्षा का अंधेरा लाखों लोगों पर मंडरा रहा था, तब मोदी ने आत्मनिर्भरता की एक नई सुबह की कल्पना की। यह सम्मान इस बात का प्रमाण है कि भारत की कृषि नीतियों ने वैश्विक स्तर पर प्रशंसा अर्जित की है।
यह पुरस्कार प्रधानमंत्री की इटली यात्रा के दौरान प्रदान किया गया, जिसमें भारत और इटली के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। दोनों देशों ने रक्षा, डिजिटल और डायस्पोरा कूटनीति के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जा मेलोनी ने मोदी की नेतृत्व क्षमता और लोकप्रियता की सराहना की।
