केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दो अहम पहलों की शुरुआत की है, FCRA 2.0 पोर्टल और ई-ओसीआई कार्ड। सरकार इन्हें नागरिकों और संस्थाओं के लिए प्रक्रियाओं को आसान बनाने तथा पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में पेश कर रही है।
FCRA 2.0 पोर्टल को विदेशी अंशदान की निगरानी को अधिक सरल और प्रभावी बनाने के मकसद से तैयार किया गया है। बताया गया है कि इस नए पोर्टल के जरिए विदेशी अंशदान पर वास्तविक समय में निगरानी रखी जा सकेगी, आवेदनों की प्रोसेसिंग तेजी से हो पाएगी और बहुत हद तक दस्तावेज भौतिक रूप से जमा करने की जरूरत भी कम होगी।
एफसीआरए यानी विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम भारत में संस्थाओं और व्यक्तियों द्वारा विदेशी धन प्राप्त करने और उसके इस्तेमाल को नियंत्रित करता है। इसी व्यवस्था को डिजिटल और अधिक चुस्त बनाने की कोशिश के तहत FCRA 2.0 पोर्टल को सामने लाया गया है, ताकि पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी ढंग से चल सके।
दूसरी बड़ी पहल ई-ओसीआई कार्ड है। सरकार के अनुसार इस कार्ड से 50 लाख से अधिक लोगों को सुविधा मिलने की उम्मीद है। ओसीआई यानी ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया कार्डधारक मूल रूप से भारतीय मूल के वे लोग हैं जो विदेश में रहते हैं, और इस डिजिटल कार्ड का मकसद उनके लिए दस्तावेज और सेवाओं से जुड़ी प्रक्रिया को आसान बनाना है।
प्रवासी भारतीय समुदाय के लिए यह कदम खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि बड़ी संख्या में लोग विभिन्न जरूरतों के लिए ओसीआई से जुड़ी सुविधाओं पर निर्भर रहते हैं। ई-ओसीआई कार्ड के आने से उम्मीद की जा रही है कि इससे जुड़े कामकाज पहले की तुलना में अधिक तेज और सहज हो सकेंगे।
कुल मिलाकर सरकार इन दोनों कदमों को डिजिटल गवर्नेंस और नागरिक सुविधा की दिशा में आगे बढ़ने के रूप में देख रही है। तेज, पारदर्शी और कागजी बोझ से मुक्त प्रक्रियाओं पर जोर देते हुए इन पहलों के जरिए प्रशासनिक कामकाज को और सुगम बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
