LIVE PROTOCOL
EET--:--:-- edition--.--.--

अयोध्या चढ़ावा विवाद पर सीएम योगी ने एसआईटी जांच की बात कही

अयोध्या चढ़ावा विवाद पर सीएम योगी ने एसआईटी जांच की बात कही

अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर उठे विवाद पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जांच की स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के अनुरोध पर मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसे सजा मिलेगी। समाजवादी पार्टी के नेता पवन पांडे ने 7 जून को इस संबंध में दावा किया था, जबकि चंपत राय ने सफाई दी थी कि अभी तक ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है। मुख्यमंत्री ने रामभक्तों की भावनाओं का सम्मान करने की अपील करते हुए विपक्ष पर पलटवार भी किया।

अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर उठे विवाद पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जांच की स्थिति स्पष्ट की है। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने इस पूरे मामले पर अपनी बात रखते हुए रामभक्तों की भावनाओं का सम्मान करने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने इस विषय पर लगाए गए आरोपों को लेकर विपक्ष पर पलटवार भी किया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया गया है। उनके अनुसार यह कदम मंदिर से जुड़े ट्रस्ट के अनुरोध पर उठाया गया है, ताकि मामले की निष्पक्ष पड़ताल हो सके। उन्होंने अयोध्या को लेकर समाचार पत्रों में आई खबरों का भी उल्लेख किया।

अपने बयान में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या के बारे में जो बातें समाचार पत्रों में सुनने को मिलीं, उन्हीं के मद्देनजर ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी जांच बैठाई गई है। उन्होंने भरोसा जताया कि यह जांच दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेगी और इसमें किसी तरह का कोई संशय नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री के अनुसार सच्चाई सामने लाने के लिए ही यह जांच कराई जा रही है।

इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि में समाजवादी पार्टी के नेता पवन पांडे का एक दावा रहा है, जो उन्होंने 7 जून को किया था। उनके इसी दावे के बाद राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर सवाल खड़े हुए और मामला राजनीतिक रूप से गरमा गया। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के आरोपों पर सीधे तौर पर जवाब दिया।

वहीं दूसरी ओर इस मामले में ट्रस्ट की तरफ से चंपत राय ने सफाई दी थी कि अभी तक ऐसी कोई भी बात सामने नहीं आई है। यानी एक तरफ विपक्ष की ओर से दावा किया गया, तो दूसरी तरफ ट्रस्ट से जुड़े पक्ष ने ऐसे किसी मामले के अब तक सामने न आने की बात कही। इन्हीं परस्पर विरोधी बातों के बीच अब जांच एजेंसी को स्थिति स्पष्ट करनी है।

अयोध्या में आज मुख्यमंत्री ने रामभक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि राम मंदिर के लिए जब आपने 500 साल इंतजार किया है, तो थोड़ा और यानी 15 दिन का इंतजार और कीजिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे सजा मिलकर रहेगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जांच के नतीजों से लोगों को वाकिफ कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अपील की कि ऐसा कुछ नहीं किया जाना चाहिए जिससे रामभक्तों की भावनाएं आहत हों। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए आरोपों को निराधार ठहराने की कोशिश की और जांच को ही मामले का अंतिम आधार बताया। इस तरह राम मंदिर के चढ़ावे का यह विषय फिलहाल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और एसआईटी जांच के इर्द-गिर्द केंद्रित हो गया है।

Loading article...