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पांच राज्यों में आज से मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) शुरू, 7 अक्टूबर को अंतिम सूची

पांच राज्यों में आज से मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) शुरू, 7 अक्टूबर को अंतिम सूची

निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के नए चरण की शुरुआत आज से पांच राज्यों दिल्ली, महाराष्ट्र, मेघालय, झारखंड और कर्नाटक में कर दी है। इस अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर मतदाता सूची को अपडेट करेंगे, और 7 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। नई सूची में क्यूआर कोड, मतदाता का विवरण और फोटो शामिल होगा।

भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण, जिसे संक्षेप में SIR कहा जाता है, के एक नए चरण की शुरुआत आज से कर दी है। इस चरण के तहत देश के पांच राज्यों दिल्ली, महाराष्ट्र, मेघालय, झारखंड और कर्नाटक में मतदाता सूचियों की गहन जांच और पुनरीक्षण का काम औपचारिक रूप से आरंभ हो गया है।

आयोग के अनुसार इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह से अपडेट और प्रमाणिक बनाना है, ताकि कोई भी पात्र मतदाता सूची से छूट न जाए और अपात्र या दोहरी प्रविष्टियों को हटाया जा सके। इसी के तहत मतदाता सूची को अधिक सटीक और भरोसेमंद बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

पुनरीक्षण की इस प्रक्रिया में बूथ लेवल अधिकारी, यानी बीएलओ, घर-घर जाकर मतदाताओं का विवरण सत्यापित करेंगे और आवश्यक बदलावों को दर्ज करेंगे। इस दौरान नए नाम जोड़ने, पुराने या गलत विवरण को सुधारने और मतदाताओं की पुष्टि करने का काम किया जाएगा, जिससे अंतिम सूची यथासंभव त्रुटिरहित हो सके।

इस बार तैयार होने वाली मतदाता सूची को तकनीकी रूप से अधिक मजबूत बनाया जा रहा है। बताया गया है कि नई सूची और संबंधित दस्तावेज़ में क्यूआर कोड, मतदाता का विवरण और फोटो शामिल होगा, जिससे सत्यापन की प्रक्रिया आसान होगी और गड़बड़ियों की आशंका कम होगी।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार इस पुनरीक्षण के बाद 7 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। तब तक प्राप्त आपत्तियों और दावों की जांच की जाएगी, ताकि सूची को अंतिम रूप देने से पहले हर संभव त्रुटि को दूर किया जा सके और पात्र मतदाताओं के नाम सुनिश्चित किए जा सकें।

उल्लेखनीय है कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण के इस व्यापक अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर एक साल पूरा हो चुका है। आयोग का कहना है कि वह स्वच्छ और प्रमाणिक मतदाता सूची तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है, और इसी प्रतिबद्धता के तहत अलग-अलग राज्यों में चरणबद्ध तरीके से यह प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

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