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मुख्यमंत्री शुभेंदु की सरकार ने पश्चिम बंगाल में घुसपैठियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू की। डिटेंशन सेंटर में 335 संदिग्ध रखे गए हैं जिनमें 148 पुरुष, 99 महिलाएं और 88 बच्चे शामिल हैं। बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग का काम तेजी से चल रहा है।
पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री शुभेंदु की सरकार ने सत्ता में आते ही घुसपैठियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। घुसपैठ पश्चिम बंगाल में एक बड़ा चुनावी मुद्दा रहा था और नई सरकार ने इसे प्राथमिकता पर रखा है। डिटेंशन सेंटरों में 335 संदिग्ध लोगों को रखा गया है जिनमें 148 पुरुष, 99 महिलाएं और 88 बच्चे शामिल हैं।
उत्तर 24 परगना के बसीरहाट में सबसे ज्यादा संदिग्ध घुसपैठिये पाए गए हैं। इस सेंटर में बांग्लादेशियों और रोहिंग्या शरणार्थियों के होने की आशंका है। मालदा में भी 9 संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की गई है। केंद्र से लेकर राज्य सरकार तक ने स्पष्ट कर दिया है कि अब घुसपैठियों की बिल्कुल खैर नहीं होगी।
बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग का काम भी पूरी गति से चल रहा है। दक्षिणी दिनाजपुर में हाकिमपुर बॉर्डर पर घुसपैठियों की भीड़ लगातार पकड़ी जा रही है। खबरों के अनुसार, करीब सौ घुसपैठियों को बांग्लादेश वापस भेजा जाएगा।
सरकार ने बयान दिया है कि डिटेंशन सेंटर बनाए गए हैं और जो भी गैरकानूनी तरीके से आए हैं उन्हें वापस भेजा जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि जब तक सभी घुसपैठियों को वापस नहीं भेज दिया जाता, तब तक कार्रवाई जारी रहेगी।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हो रही है जब भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव बढ़ा हुआ है। सीमा सुरक्षा को मजबूत करने और अवैध घुसपैठ रोकने के लिए फेंसिंग और निगरानी के काम में तेजी लाई जा रही है, एनडीटीवी इंडिया ने रिपोर्ट किया।