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पीएम विकसित भारत रोजगार योजना शुरू, पहली नौकरी पर जोर

पीएम विकसित भारत रोजगार योजना शुरू, पहली नौकरी पर जोर | AVALW News

प्रधानमंत्री ने विकसित भारत रोजगार योजना की शुरुआत की है, जिसका मकसद पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं के सपनों को बल देना है। इस योजना के तहत मिलने वाले लाभ की अवधि चार वर्ष तक बढ़ाई गई है और प्रति कर्मचारी 3000 रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है। लगभग दो करोड़ लोगों को पहली बार नौकरी देने का लक्ष्य रखा गया है। अक्टूबर 2022 से रोजगार मेलों के माध्यम से अब तक 12 लाख से अधिक नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं।

प्रधानमंत्री ने देश में विकसित भारत रोजगार योजना की औपचारिक शुरुआत की है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की युवाशक्ति की चर्चा कर रही है और भारत की प्रतिभा, कौशल तथा सामर्थ्य की पहचान दूर-दूर तक हो रही है। उनके अनुसार यह योजना सामान्य रूप से सोची जाने वाली रोजगार योजनाओं से कहीं आगे बढ़कर, पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं के सपनों को बल देने वाली पहल है।

योजना के प्रावधानों के तहत इसके लाभ की अवधि को बढ़ाकर चार वर्ष तक कर दिया गया है। इसके साथ ही सरकार ने प्रति कर्मचारी 3000 रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का भी प्रावधान किया है। इसका मकसद नियोक्ताओं और नए कर्मचारियों, दोनों को इस व्यवस्था से जोड़ना और रोजगार सृजन को गति देना बताया गया है।

सरकार ने इस योजना के माध्यम से लगभग दो करोड़ लोगों को पहली बार नौकरी देने का लक्ष्य तय किया है और इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ने की बात कही गई है। प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार बीते एक दशक से जुड़ा यह आंकड़ा 17 करोड़ से अधिक बताया गया। इन आंकड़ों के जरिए सरकार रोजगार के मोर्चे पर हुए कामकाज को रेखांकित कर रही है।

चर्चा के दौरान वैश्विक बेरोजगारी के संदर्भ का भी उल्लेख किया गया, जिसके अनुसार दुनिया भर में बेरोजगारी की औसत दर करीब 4.8 फीसदी के आसपास है। वहीं सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आने वाली आबादी बढ़कर 94 करोड़ तक पहुंचने की बात कही गई। इस तरह योजना को रोजगार के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा और श्रम की गरिमा से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

अधिकारियों के अनुसार प्रधानमंत्री ने अक्टूबर 2022 में रोजगार मेले के माध्यम से इस दिशा में पहल की शुरुआत की थी। तब से अब तक कुल 19 रोजगार मेले आयोजित किए जा चुके हैं। इन रोजगार मेलों के माध्यम से 12 लाख से अधिक नियुक्ति पत्र युवाओं को दिए जा चुके हैं, जिसे एक बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश किया गया।

योजना के क्रियान्वयन के तरीके पर भी जानकारी साझा की गई। बताया गया कि प्रधानमंत्री ने एक बटन दबाकर प्रोत्साहन राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी। व्यवस्था के अनुसार जब भी कोई नियोक्ता किसी नए कर्मचारी को नौकरी देता है, तो वह संबंधित प्रणाली में पंजीकृत होता है, जिससे यह पता चलता है कि किसी को नई नौकरी मिली है।

इस पूरी प्रक्रिया में यूनिवर्सल अकाउंट नंबर की अहम भूमिका बताई गई, जो आधार से जुड़ा हुआ है। इसी के आधार पर यह पहचाना जाता है कि कौन सा युवा पहली बार नौकरी पा रहा है। संबंधित मंत्रालयों और विभागों के अधिकारियों ने इस योजना को बनाने और लागू करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का जिक्र करते हुए इसे भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए तैयारी से जोड़ा।

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