उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून व्यवस्था की स्थिति पर आठ जिलों के अधिकारियों के साथ एक कड़ी समीक्षा बैठक की है। इस बैठक में लखनऊ, गाज़ियाबाद और जौनपुर समेत आठ जिलों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने आपराधिक घटनाओं को लेकर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और दोषियों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई के निर्देश दिए। लखनऊ में हुई गोलीबारी की घटना पर सीएम ने विशेष नाराज़गी जताई।
बैठक के बाद विभूती खंड के एसीपी विनय द्विवेदी को उनके पद से हटा दिया गया। उन्हें लाइन हाज़िर किया गया है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री की ज़ीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है जिसके तहत अपराध पर नियंत्रण में विफल रहने वाले अधिकारियों के ख़िलाफ़ तुरंत कदम उठाए जाते हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपराध के प्रति अपनी सख़्त नीति के लिए जाने जाते हैं। उनके कार्यकाल में कई बार ज़िला अधिकारियों को आपराधिक घटनाओं के बाद हटाया जा चुका है और पुलिस प्रशासन में जवाबदेही सुनिश्चित करने पर ज़ोर दिया गया है।
इस समीक्षा बैठक को राज्य में बढ़ती आपराधिक घटनाओं के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि मुख्यमंत्री की सीधी निगरानी और तत्काल कार्रवाई की नीति ने प्रदेश में पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाए रखा है।
