शुभेंदु कैबिनेट में आज पैंतीस नए मंत्रियों ने शपथ ली, जिससे मंत्रिमंडल में कुल सदस्यों की संख्या बढ़कर इकतालीस हो गई। नई कैबिनेट में कई अनजाने और अनोखे चेहरे शामिल किए गए हैं, जो समाज के विभिन्न वर्गों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
सबसे चर्चित नाम कलिता माजी का है, जो घरों में नौकरानी का काम करती थीं और अब मंत्री बन गई हैं। उनका जीवन बेहद संघर्षपूर्ण रहा है। उनके पति प्लंबर हैं और परिवार की महीने की कमाई मात्र ढाई हजार रुपए थी। कलिता माजी पूर्वी बर्दमान के ओशग्राम सीट से विधायक बनी हैं।
एक और उल्लेखनीय नाम पूर्व भारतीय क्रिकेटर अशोक डिंडा का है, जिन्हें भी मंत्री बनाया गया है। डिंडा भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज रहे हैं और मोयना सीट से जीतकर विधायक बने थे। उन्हें राज्य मंत्री का पद दिया गया है।
नई कैबिनेट में पत्रकार से नेता बने सुपन दास गुप्ता भी शामिल हैं, जो दो बार विधायक रह चुके हैं और अब मंत्री बनाए गए हैं। शुभेंदु कैबिनेट में हर वर्ग को मौका दिया गया है, जो सामाजिक विविधता और समावेशन का संदेश देता है।
जिन मंत्रियों ने शपथ ली, उनके क्षेत्रों में जश्न का माहौल शुरू हो गया। जगह-जगह ढोल बजाए गए, पटाखे छोड़े गए और मिठाइयां बांटी गईं। स्थानीय विधायक के मंत्री बनने की खुशी में नाच-गाना और उत्सव का माहौल बना।
कलिता माजी की कहानी विशेष रूप से प्रेरणादायक मानी जा रही है। एक ऐसी महिला जो कुछ समय पहले तक दूसरों के घरों में काम करती थी, आज राज्य की मंत्री है। यह कहानी भारतीय लोकतंत्र की ताकत और सामान्य नागरिकों के लिए उपलब्ध अवसरों का प्रतीक बन गई है।
कैबिनेट विस्तार के साथ ही नई सरकार की प्राथमिकताओं और नीतिगत दिशा को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। विभिन्न पृष्ठभूमियों से आए मंत्रियों के समावेश से उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार आम लोगों की समस्याओं को बेहतर ढंग से समझ सकेगी और उनके समाधान के लिए काम करेगी।
