उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजनौर जिले के धांपुर में एक ऐतिहासिक दौरा किया, जहां उन्होंने पाकिस्तान से आए हिंदू परिवारों की चौथी पीढ़ी को उनके कानूनी अधिकार दिलाने की घोषणा की। यह दौरा उन परिवारों के लिए एक निर्णायक क्षण साबित हुआ, जो कई पीढ़ियों से अपने ही देश में शरणार्थी के रूप में रहने को मजबूर थे।
ये हिंदू परिवार पाकिस्तान की धरती पर रहते हुए अपनी पहचान के कारण लगातार खतरे में रहे। उनके मंदिर, उनके घर और उनकी जमीन सब कुछ होते हुए भी वे अपने ही देश में सुरक्षित नहीं रह पाए और अंततः भारत आने को मजबूर हुए। लेकिन भारत में भी उनकी कई पीढ़ियां बदल गईं, उनकी पहचान बदल गई, फिर भी उन्हें शरणार्थी के नाम से जाना जाता रहा।
एनडीटीवी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, धांपुर में इतिहास ने करवट ली जब इन हिंदू परिवारों की चौथी पीढ़ी को आखिरकार उनका हक मिला। मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि कैसे इन परिवारों पर जुल्म हुआ और उनकी कई पीढ़ियां अपने ही देश में अपने अधिकार के लिए तरसती रहीं।
सीएम योगी ने इस दौरान कांग्रेस पार्टी पर भी निशाना साधा और कहा कि पूर्व सरकारों ने इन परिवारों की समस्याओं को दशकों तक नजरअंदाज किया। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने इन परिवारों को उनके अधिकार दिलाकर एक ऐतिहासिक अन्याय को दूर किया है।
इस बीच उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के ऐलान से पहले राजनीतिक माहौल गर्म हो रहा है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन की बातचीत जारी है, जिसमें सीटों के बंटवारे को लेकर खींचतान चल रही है। समाजवादी पार्टी की रणनीति समिति लगातार सीटों की मार्किंग कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, समाजवादी पार्टी किसी भी स्थिति में अस्सी से अधिक सीटें कांग्रेस को नहीं देगी। पार्टी की स्ट्रैटजी कमेटी लगातार सीटों को चिह्नित कर रही है ताकि कांग्रेस की बार्गेनिंग क्षमता को नियंत्रित रखा जा सके। दोनों दलों के बीच बराबरी के गठबंधन की मांग को लेकर तनाव बना हुआ है।
धांपुर का यह दौरा उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों से पहले सीएम योगी की व्यापक जनसंपर्क अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। पाकिस्तान से आए हिंदू परिवारों को अधिकार दिलाने का यह कदम सत्ता पक्ष के लिए एक मजबूत राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है, खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के संवेदनशील क्षेत्रों में।
