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पश्चिम बंगाल के फालता विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी उम्मीदवार देबांगशु पांडा ने 1,09,000 से अधिक वोटों के अंतर से ऐतिहासिक जीत दर्ज की। टीएमसी के जहांगीर खान को मात्र 7,783 वोट मिले। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईवीएम में धांधली और डेटा हैकिंग का आरोप लगाया।
पश्चिम बंगाल के फालता विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। बीजेपी उम्मीदवार देबांगशु पांडा ने 1,49,666 वोट हासिल करते हुए 1,09,000 से अधिक वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान को मात्र 7,783 वोट मिले, जो पार्टी के लिए एक करारा झटका है।
चुनाव आयोग ने 29 अप्रैल को हुए मतदान में व्यापक गड़बड़ी की शिकायतों के बाद सभी 285 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान का आदेश दिया था। 21 मई को हुए पुनर्मतदान की गिनती 24 मई को की गई। बीजेपी की जीत का पैमाना इतना बड़ा है कि विश्लेषकों का मानना है कि मुस्लिम मतदाताओं ने भी बीजेपी को वोट दिया होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यक्तिगत रूप से देबांगशु पांडा और बंगाल के बीजेपी कार्यकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने इस नतीजे को धमकाने और डराने की राजनीति की हार बताया। प्रधानमंत्री का संदेश बताता है कि बंगाल में फालता का नतीजा पार्टी के लिए कितना महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुस्से में प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि फालता में वोटों की लूट हुई है और ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की गई है। उन्होंने कहा कि डेटा हैक किया गया और टीएमसी कार्यकर्ताओं को गिनती केंद्र से बाहर कर दिया गया। बनर्जी ने भवानीपुर का भी जिक्र करते हुए कहा कि वहां भी ऐसी ही धांधली हुई थी।
फालता उपचुनाव शुभेंदू अधिकारी के लिए सत्ता में आने के बाद पहला बड़ा चुनावी परीक्षण था, जिसमें वे शानदार अंकों से पास हुए। इस निर्णायक जीत ने पूरे राज्य में बीजेपी कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया है। टीएमसी के लिए यह लगातार चुनावी झटकों की श्रृंखला में एक और बड़ा आघात है।