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विपक्षी इंडी गठबंधन की दिल्ली बैठक से पहले असंतोष के स्वर तेज, राज्यसभा सीट पर जेएमएम और कांग्रेस में खींचतान, एनसीपी के शरद पवार गुट में भी संशय

विपक्षी इंडी गठबंधन की दिल्ली बैठक से पहले असंतोष के स्वर तेज, राज्यसभा सीट पर जेएमएम और कांग्रेस में खींचतान, एनसीपी के शरद पवार गुट में भी संशय

विपक्षी इंडी गठबंधन की दिल्ली में होने वाली अहम बैठक से पहले ही गठबंधन के भीतर असहमति के स्वर तेज हो गए हैं और असंतोष की कई परतें सामने आ चुकी हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को लिखे एक पत्र में, केरल चुनावों के दौरान कांग्रेस नेताओं द्वारा वाम दलों और पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन पर किए गए हमलों पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई गई है। वहीं खबरें हैं कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के शरद पवार गुट की ओर से भी बैठक में पूरी भागीदारी को लेकर संशय बना हुआ है। विपक्षी खेमे के भीतर उठते इन सवालों ने भारतीय जनता पार्टी को हमला बोलने का अवसर भी दे दिया है। यह बैठक विपक्ष की भावी रणनीति तय करने के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है, लेकिन बैठक शुरू होने से पहले ही सहयोगी दलों की नाराजगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

विपक्षी इंडी गठबंधन की दिल्ली में होने वाली एक अहम बैठक से पहले ही गठबंधन के भीतर असहमति के स्वर तेज हो गए हैं। जिस बैठक को विपक्षी एकजुटता का प्रदर्शन बनना था, उसके शुरू होने से पहले ही असंतोष की कई परतें सामने आ चुकी हैं।

असंतोष की एक बड़ी वजह केरल चुनावों से जुड़ी है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को लिखे गए एक पत्र में, केरल चुनावों के दौरान कांग्रेस नेताओं द्वारा वाम दलों और पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन पर किए गए हमलों पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई गई है।

नाराजगी सिर्फ एक दल तक सीमित नहीं है। खबरें हैं कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के शरद पवार गुट की ओर से भी इस बैठक में पूरी भागीदारी को लेकर संशय बना हुआ है, जिससे विपक्षी खेमे में बेचैनी और बढ़ गई है।

इस बीच कांग्रेस की ओर से एकजुटता की अपील भी सामने आई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि अगर भारतीय जनता पार्टी को सबक सिखाना है और संविधान को बचाना है, तो दलों को कांग्रेस के साथ आना पड़ेगा और भाजपा का मुकाबला करना पड़ेगा, क्योंकि सरकार के खिलाफ संघर्ष में कोई मतभेद नहीं है।

हालांकि विपक्षी खेमे के भीतर उठते इन सवालों ने भारतीय जनता पार्टी को हमला बोलने का अवसर दे दिया है। भाजपा ने आरोप लगाया कि इंडी गठबंधन में कोई मिशन या विजन नहीं, केवल डिविजन है, और इसके उदाहरण के तौर पर डीएमके बनाम कांग्रेस, राज्यसभा सीट को लेकर जेएमएम और कांग्रेस के बीच चल रही खींचतान तथा एनसीपी का जिक्र किया।

जेएमएम और कांग्रेस के बीच तनाव की जड़ राज्यसभा की एक सीट है। दोनों दलों के बीच उम्मीदवार के चयन को लेकर खींचतान चल रही है, जिसने गठबंधन के भीतर की दरारों को और उजागर कर दिया है।

राजनीतिक दृष्टि से यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि इसमें विपक्ष की भावी रणनीति तय की जानी है। लेकिन बैठक शुरू होने से पहले ही सहयोगी दलों की नाराजगी ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि यह गठबंधन भाजपा के खिलाफ कितनी मजबूती से एकजुट है।

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