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क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की दिल्ली में अहम बैठक शुरू हो गई है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए समुद्री सुरक्षा जरूरी है। बैठक में सप्लाई चेन सुरक्षा पर भी चर्चा हो रही है। यह बैठक होर्मुज संकट के बीच विशेष महत्व रखती है।
क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक दिल्ली में शुरू हो गई है। भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा के लिए एक मंच पर आए हैं। यह बैठक होर्मुज जलसंधि संकट के बीच विशेष महत्व रखती है।
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बैठक की शुरुआत में कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए समुद्री सुरक्षा अत्यंत जरूरी है। उन्होंने मुक्त और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के महत्व पर जोर दिया और समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई।
बैठक में सप्लाई चेन सुरक्षा एक प्रमुख विषय के रूप में उभरा है। होर्मुज जलसंधि के आंशिक बंद होने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहे प्रभाव के मद्देनजर चारों देश आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत और विविध बनाने के उपायों पर विचार कर रहे हैं।
क्वाड की यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है। अमेरिका ने हाल ही में ईरान के दक्षिण में बंदर अब्बास के पास सैन्य ठिकानों पर हमला किया, जबकि साथ ही वाशिंगटन और तेहरान के बीच शांति वार्ता भी जारी है।
क्वाड समूह इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में नियम-आधारित व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए काम करता है। दिल्ली में हो रही इस बैठक से उम्मीद है कि समुद्री सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, प्रौद्योगिकी सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता पर ठोस कदमों की घोषणा हो सकती है।