2019 के पुलवामा आतंकी हमले का मास्टरमाइंड हमजा बुरहान पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के मुजफ्फराबाद में अज्ञात हमलावरों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई। 14 फरवरी 2019 को हुए इस भीषण हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के 40 जवान शहीद हो गए थे, जो भारत के इतिहास में सबसे बड़े आतंकी हमलों में से एक था।
सूत्रों के अनुसार हमजा बुरहान लगभग सात वर्षों से पीओके के घने जंगलों में छिपकर रह रहा था। उसकी हत्या की परिस्थितियां अभी स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने उसे एक खर्च हो चुकी संपत्ति मानकर समाप्त किया हो सकता है।
पुलवामा हमला भारत-पाकिस्तान संबंधों में एक निर्णायक मोड़ था। इस हमले के बाद भारत ने बालाकोट में एयर स्ट्राइक की थी और दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया था। हमजा बुरहान की मौत से शहीद जवानों के परिवारों को कुछ न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
भारतीय सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से हमजा बुरहान की तलाश में थीं। उसके खिलाफ कई देशों में रेड कॉर्नर नोटिस जारी था। पाकिस्तान ने हमेशा उसकी मौजूदगी से इनकार किया था, लेकिन अब उसकी हत्या पीओके में होना पाकिस्तान के दोहरे चरित्र को एक बार फिर उजागर करता है।
शहीद जवानों के परिवारों ने इस खबर पर मिश्रित प्रतिक्रिया दी है। कई परिवारों ने कहा कि हमजा की मौत से उनका दर्द कम नहीं होगा, लेकिन यह एक संदेश है कि आतंकवादी कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं। भारत सरकार ने अभी तक इस मामले पर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
