उत्तर प्रदेश में पासी समाज के ऐतिहासिक किले पर अवैध अतिक्रमण और मजार निर्माण का विवाद तेज़ी से भड़क उठा है। पासी समाज के लोगों का आरोप है कि उनकी आस्था के प्रतीक इस किले पर अवैध कब्जा किया गया है और वहां नमाज पढ़ी जा रही है। विवाद बढ़ने पर प्रशासन ने मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है।
पासी समाज के नेता सुरेश पासवान ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन देकर किले और मंदिर को सरकारी संरक्षण में लेने और पर्यटन स्थल घोषित करने की मांग की है। समाज के लोग बड़ी संख्या में एकत्र हो गए हैं और अपनी मांगों को लेकर अडिग हैं। उनका कहना है कि ऐतिहासिक रूप से यह किला पासी राजाओं का था और इसकी विरासत को संरक्षित किया जाना चाहिए।
दूसरी ओर, मुस्लिम पक्षकारों का कहना है कि सरकारी दस्तावेजों में इसे राजा का किला होने का कोई जिक्र नहीं है और इसे मकबरा के रूप में दर्ज किया गया है। इस विवाद ने सांप्रदायिक तनाव की आशंका बढ़ा दी है, क्योंकि दोनों पक्ष अपनी-अपनी दावेदारी पर अडिग हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की जा रही है। अगर समय रहते समाधान नहीं निकाला गया तो पासी समाज और अल्पसंख्यक समुदाय के बीच सीधा टकराव हो सकता है। प्रशासन ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।
