गाजियाबाद में सूर्या चौहान की हत्या के आरोपी असद के एनकाउंटर के बाद अब उसके घर के बाहर बुलडोजर एक्शन की तैयारी हो गई है। असद के घर के सामने बुलडोजर खड़ा कर दिया गया है और कार्रवाई की तैयारी पूरी हो चुकी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पूरे मामले पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि दोस्ती की आड़ में छुरेबाजी की गई और हम सज्जनों के लिए ही सज्जन बने हैं लेकिन असुरों के नाश के लिए शस्त्र जरूरी है। यह बयान सीधे तौर पर एनकाउंटर और बुलडोजर एक्शन को सही ठहराता है।
योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि अगर माता-पिता अपने बच्चों को सही राह नहीं दिखाते तो फिर उनका हश्र क्या होगा यह देख लीजिए। यह बयान असद के पिता पर भी निशाना है जिसके बारे में पुलिस ने दावा किया था कि उसने बेटे को हत्या के लिए उकसाया था।
असद एनकाउंटर और बुलडोजर एक्शन को लेकर उत्तर प्रदेश में तीखी सियासत हो रही है। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि असद का एनकाउंटर इसलिए किया गया क्योंकि वह मुसलमान था। लेकिन सत्ता पक्ष ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
बुलडोजर एक्शन उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की एक प्रमुख नीति बन चुकी है। अपराधियों की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलाना सरकार का तरीका है जिसे बुलडोजर न्याय के नाम से जाना जाता है। इस नीति को लेकर समर्थक और विरोधी दोनों ही मुखर हैं।
सूर्या चौहान की बकरीद के दिन बीच सड़क पर चाकू से गोदकर हत्या ने पूरे प्रदेश को हिला दिया था। इसके बाद यूपी पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए असद का एनकाउंटर किया और अब उसके घर पर बुलडोजर एक्शन अगला कदम है।
यह पूरा मामला सांप्रदायिक तनाव, कानून व्यवस्था और राजनीतिक ध्रुवीकरण के बीच फंसा हुआ है। एक ओर जहां सरकार सख्त कार्रवाई का दावा कर रही है वहीं दूसरी ओर विपक्ष न्यायिक प्रक्रिया को दरकिनार करने का आरोप लगा रहा है। बुलडोजर एक्शन की वैधानिकता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
