केंद्रीय जांच ब्यूरो ने एक बड़े कथित घोटाले को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। CBI ने करीब 661 करोड़ रुपए की कथित धोखाधड़ी के एक मामले में चंडीगढ़, पंचकूला और दिल्ली NCR में छह अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी की।
यह पूरा मामला सरकारी धन के हेरफेर से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन के विभागों से जुड़ी सरकारी धनराशि में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई, और इसी आधार पर जांच एजेंसी ने यह कार्रवाई शुरू की।
इस मामले में कुछ अहम सरकारी संस्थाओं का नाम भी सामने आया है। जांच के दायरे में चंडीगढ़ नगर निगम के साथ-साथ चंडीगढ़ की नवीकरणीय ऊर्जा एवं विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी के संवर्धन से जुड़ी सोसाइटी भी प्रभावित हुई बताई जा रही है।
छापेमारी के दौरान एजेंसी को कई अहम सबूत भी मिले। इन सबूतों से पता चलता है कि सरकारी कर्मचारियों ने बैंक अधिकारियों के साथ लेनदेन को सुगम बनाने और अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई ना करने के बदले में अनुचित लाभ प्राप्त किए।
जांच एजेंसी ने पैसों के लेनदेन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाया है। एजेंसी के अनुसार, अपराध से प्राप्त धनराशि को पहले एक निजी कंसल्टेंसी कंपनी के बैंक खातों में जमा कराया गया, ताकि उसे वैध दिखाया जा सके।
इसके बाद इस रकम को आगे और ठिकाने लगाया गया। आरोप है कि कंपनी के खातों में जमा हुई यह धनराशि बाद में उसके निदेशक के निजी खाते में स्थानांतरित कर दी गई। फिलहाल जांच एजेंसी इस पूरे मामले की गहराई से पड़ताल कर रही है।
