दिल्ली में किशोरों और युवाओं पर हिंसक हमलों की एक दिल दहला देने वाली श्रृंखला ने राजधानी को झकझोर कर रख दिया है। अमर कॉलोनी में एक युवक की दिनदहाड़े दो गोलियां मारकर निर्मम हत्या कर दी गई, जिसके बाद परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया और दोषियों के एनकाउंटर की मांग करने लगे।
पीड़ित परिवार का आक्रोश चरम पर है। मृतक के परिजनों ने कहा कि दिनदहाड़े उनके बेटे को अमर कॉलोनी में दो गोलियां मारी गईं और किसी ने कुछ नहीं किया। परिवार के सदस्यों का स्पष्ट कहना है कि उन्हें फांसी नहीं चाहिए, उन्हें दोषी का एनकाउंटर चाहिए। यह मांग इस बात को रेखांकित करती है कि आम नागरिकों का न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा कितना कमजोर हो चुका है।
इसी बीच एक अलग और उतनी ही भयावह घटना में सत्रह वर्षीय एक लड़के पर छह बदमाशों ने चाकू से पंद्रह वार कर दिए। यह हमला इतना क्रूर था कि पीड़ित की हालत गंभीर बनी हुई है। दोनों घटनाओं ने दिल्ली में बढ़ती हिंसा और किशोरों की असुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है।
एक तीसरी घटना में सत्रह वर्षीय साई को एक रेस्टोरेंट में डिनर के दौरान हुए विवाद में दबंगों ने सिर पर गोली मार दी। मामूली बात पर किशोरों की जान लेने वाली इन घटनाओं ने दिल्ली की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार और आम नागरिक दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
दिल्ली पुलिस ने सभी मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अमर कॉलोनी मामले में मुख्य आरोपी की पहचान कर ली गई है और उसकी तलाश जारी है। चाकू से हमले के मामले में भी संदिग्धों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।
इन घटनाओं ने दिल्ली में अवैध हथियारों की उपलब्धता और किशोरों के बीच बढ़ती हिंसक प्रवृत्ति को लेकर भी बहस तेज कर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि मामूली विवादों में भी हथियारों का इस्तेमाल एक चिंताजनक प्रवृत्ति है जो राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवालात उठाती है।
पीड़ित परिवारों के प्रदर्शन और एनकाउंटर की मांग ने राजनीतिक हलकों में भी हलचल मचा दी है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर दबाव बढ़ रहा है कि वे न केवल इन विशिष्ट मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें बल्कि दिल्ली में किशोरों की सुरक्षा के लिए व्यापक उपाय भी करें। इन घटनाओं ने एक बार फिर साबित किया है कि राजधानी में कानून व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
