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दिल्ली के द्वारका विधानसभा क्षेत्र के शिवपुरी इलाके में गंभीर जलसंकट का सामना कर रहे लोगों की तस्वीरें सामने आई हैं। हर इंसान को पानी की दो बूंद हासिल करने के लिए रोज़ाना जद्दोजहद करनी पड़ रही है। लोगों का जीवन पानी से भरे ड्रमों के सहारे चल रहा है।
दिल्ली की चमकती सड़कों के पीछे छिपी एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो राजधानी के जलसंकट की गंभीरता को उजागर करती है। पश्चिमी दिल्ली के द्वारका विधानसभा क्षेत्र के शिवपुरी इलाके में हर एक इंसान को पानी की दो बूंद हासिल करने के लिए रोज़ाना जद्दोजहद करनी पड़ रही है।
एनडीटीवी इंडिया की टीम ने मौके पर पहुंचकर देखा कि लोगों का जीवन पानी से भरे ड्रमों के सहारे चल रहा है। ये ड्रम ही उनकी जीवनरेखा हैं जिनके बिना ज़रूरी काम भी नहीं हो पाते। पीने से लेकर खाना बनाने और नहाने तक सब कुछ इन्हीं ड्रमों पर निर्भर है।
एक तरफ देश के कई राज्यों में आंधी तूफान और बारिश हो रही है, दूसरी ओर दिल्ली में जलसंकट गहरा रहा है। भीषण गर्मी के बीच पानी की किल्लत ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। रामलीला पार्टी ने मटकाफोड़ प्रदर्शन करके जल संकट के खिलाफ विरोध जताया।
इस बीच बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश में भारी बारिश हुई है। बिहार के पटना और भागलपुर समेत कई ज़िलों में खूब पानी बरसा और करीब सात लोगों की जान चली गई। उत्तर प्रदेश के बदायूं में तो पानी के साथ ओले भी गिरे जिससे काफी नुकसान हुआ।
दिल्ली का जलसंकट हर साल गर्मियों में गंभीर रूप लेता है लेकिन इस बार स्थिति और भी विकट बताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि जल आपूर्ति के बुनियादी ढांचे में सुधार किए बिना समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है, एनडीटीवी इंडिया ने रिपोर्ट किया।