संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन नीट पेपर लीक के मुद्दे को लेकर दिल्ली की सड़कों पर बड़ा हंगामा देखने को मिला। नीट यूजी 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक से नाराज हजारों प्रदर्शनकारी संसद भवन की तरफ कूच करने के लिए सड़कों पर उतर आए। परीक्षा प्रणाली को लेकर छात्रों में लंबे समय से जमा गुस्सा इस प्रदर्शन के रूप में सामने आया और देखते ही देखते राजधानी का बड़ा हिस्सा प्रदर्शन की चपेट में आ गया।
प्रदर्शनकारी जंतर मंतर से निकलकर संसद भवन की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। उन्हें रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने रास्ते में जगह-जगह बड़ी-बड़ी बैरिकेडिंग लगाई थी। लेकिन भारी संख्या में जुटे प्रदर्शनकारियों को रोक पाना मुश्किल हो गया और एक समय पर उन्होंने बैरिकेड को तोड़कर तथा गिराकर आगे बढ़ने की पूरी कोशिश की। इस दौरान माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
स्थिति को काबू में करने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े और प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज भी किया। लाठीचार्ज के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति बनी और कई प्रदर्शनकारियों की चप्पलें तथा जूते सड़कों पर बिखरे नजर आए। पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों को समझाने और पीछे धकेलने की कोशिश करती रही, ताकि उन्हें दोबारा संसद भवन परिसर की तरफ बढ़ने से रोका जा सके।
मौके पर मौजूद प्रदर्शनकारियों की संख्या दस हजार से ज्यादा बताई जा रही है, जबकि उन्हें रोकने के लिए पांच सौ से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। इसके अलावा CISF और QRT की टीमों के साथ-साथ दिल्ली पुलिस के जवान भी बड़ी संख्या में मौके पर डटे रहे। सुरक्षा की दृष्टि से पूरे इलाके को बेहद संवेदनशील मानते हुए चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखी गई।
प्रदर्शन के चलते संसद भवन के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और मेट्रो संचालन पर भी असर पड़ा। राजीव चौक समेत कुछ स्टेशनों पर पहले मेट्रो की आवाजाही रोकी गई, जिसे बाद में कुछ स्टेशनों पर सामान्य कर दिया गया। जिन प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया, उन्हें बसों में भरकर जंतर मंतर के पास पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने की तरफ पहुंचाया गया।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर थी। उनका कहना था कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाएंगी, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। छात्रों ने नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ी को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा किया और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा जवाबदेही की मांग की। प्रदर्शनकारियों में युवाओं की बड़ी संख्या शामिल रही।
सड़क पर जारी इस हंगामे के बीच संसद के भीतर भी इस मुद्दे की गूंज सुनाई दी। विपक्षी दलों ने नीट पेपर लीक के मुद्दे पर सदन में जमकर नारेबाजी की और चर्चा की मांग को लेकर कार्यवाही को बार-बार बाधित किया। हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। वहीं सरकार का कहना है कि नीट में सामने आई गड़बड़ियों पर कड़े कदम उठाए गए हैं और दोबारा परीक्षा भी कराई गई है। कुछ देर बाद संसद के आसपास की स्थिति को काफी हद तक काबू में कर लिया गया।
