दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में एक बहुमंजिला इमारत में लगी भीषण आग में कम से कम इक्कीस लोगों की मौत हो गई और दर्जनों अन्य घायल हो गए। पुलिस के अनुसार बचाव कार्य जारी है और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।
कई पीड़ित दक्षिण एशियाई और अफ्रीकी देशों से इलाज के लिए भारत आए विदेशी नागरिक थे। ये लोग या तो स्वयं इलाज करा रहे थे या पास के निजी अस्पताल में इलाज करा रहे अपने परिजनों के साथ आए थे।
यह इमारत कथित रूप से एक बेड एंड ब्रेकफास्ट के रूप में संचालित हो रही थी जो मरीजों और उनके परिजनों को ठहरने की सुविधा प्रदान कर रही थी। अधिकारियों ने बताया कि इमारत में उचित अनुमति नहीं थी।
आग लगने के बाद इमारत में फंसे लोगों ने खिड़कियां तोड़कर बाहर निकलने का प्रयास किया। कई लोगों ने ऊपरी मंजिलों से छलांग लगाई जिससे उन्हें गंभीर चोटें आई। स्थानीय निवासियों ने गद्दे बिछाकर लोगों को बचाने में मदद की।
अग्निशमन दल और बचाव दल ने चालीस से अधिक लोगों को बचाकर अस्पताल पहुंचाया। इमारत के अंदर भारी मात्रा में धुआं भरा होने के कारण कई लोग बेहोश हो गए थे। अधिकांश मौतें धुएं के कारण दम घुटने से हुई बताई जा रही हैं।
इस हादसे के बाद प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने ऐसी सभी इमारतों की जांच करके अवैध रूप से चल रही बी एंड बी सेवाओं को सील करने और उनकी अनुमति रद्द करने का आदेश दिया है।
यह घटना दिल्ली में अग्नि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की गंभीर समस्या को उजागर करती है। विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मौजूदा व्यवस्था की लापरवाही के कारण निर्दोष लोगों की जान गई है।
