दिल्ली में अवैध निर्माणों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई शुरू हो गई है। एनडीटीवी इंडिया के अनुसार दिल्ली हाई कोर्ट ने इन निर्माणों को अवैध करार दिया था और मकान मालिकों को 30 मई तक अपने मकान खाली करने का आदेश दिया गया था। समय सीमा बीत जाने के बाद अब प्रशासन ने जबरन कार्रवाई शुरू कर दी है।
करीब 150 मकानों को नोटिस दिया गया था जिन पर कार्रवाई होनी थी। मकान मालिकों ने पहले दिल्ली हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट तक का दरवाजा खटखटाया लेकिन दोनों जगह उन्हें राहत नहीं मिली। कई जमीनें पहले ही खाली कर दी गईं जबकि शेष मकानों पर अब बुलडोजर चलाया जा रहा है।
कार्रवाई स्थल पर भारी संख्या में दिल्ली पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे और कार्रवाई में कोई बाधा न आए। कुछ मकान मालिकों ने स्वेच्छा से अपने घर खाली कर दिए जबकि कई अन्य ने अंतिम समय तक प्रतिरोध किया।
यह कार्रवाई दिल्ली में अवैध निर्माणों के बढ़ते मुद्दे को रेखांकित करती है। शहरी नियोजन विशेषज्ञों का कहना है कि अवैध कब्जों और अनधिकृत निर्माणों पर कड़ी कार्रवाई जरूरी है ताकि शहर के बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सुविधाओं पर दबाव कम हो सके।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कोर्ट के आदेश का पालन करना अनिवार्य है और जो लोग अभी तक अपने अवैध निर्माणों को खाली नहीं कर पाए हैं उन पर भी जल्द कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली नगर निगम का अतिक्रमण हटाओ अभियान आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।
