गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में प्रशासन ने अवैध रूप से संचालित मदरसों पर बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। जिला प्रशासन ने अपराधियों की वेरिफिकेशन ड्राइव के तहत इस क्षेत्र में व्यापक जांच अभियान चलाया है, जिसके चलते पूरे इलाके में दुकानें बंद हैं और सुरक्षा बलों की भारी तैनाती देखने को मिल रही है।
गाजियाबाद पुलिस की टीम के साथ-साथ रैपिड एक्शन फोर्स की टुकड़ियां भी खोड़ा में तैनात की गई हैं। सड़क के दोनों ओर की दुकानें पूरी तरह बंद हैं और बड़ी संख्या में लोग दूर-दूर के इलाकों से स्थिति देखने के लिए आ रहे हैं। यह कार्रवाई अट्ठाईस तारीख से जारी है और प्रशासन लगातार अपराधियों पर नकेल कस रहा है।
प्रशासन ने अवैध निर्माण करने वालों को पंद्रह दिन का नोटिस जारी किया है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि पंद्रह दिनों के भीतर अवैध कब्जा खाली नहीं किया गया तो जिला प्रशासन द्वारा बुलडोजर चलाकर उन निर्माणों को ध्वस्त कर दिया जाएगा। यह कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है।
एनडीटीवी इंडिया के संवाददाता अकील जमील ने मौके से बताया कि खोड़ा के पूरे इलाके में इस समय तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। लोगों की भीड़ लगातार बनी हुई है और सुरक्षा बलों की मौजूदगी के बावजूद माहौल गंभीर है। प्रशासन ने किसी भी अनहोनी से बचने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए हैं।
इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य खोड़ा क्षेत्र में अवैध रूप से बने मदरसों और अन्य अनधिकृत निर्माणों को चिह्नित करना और उन्हें हटाना है। प्रशासन का कहना है कि जो भी निर्माण बिना उचित अनुमति के किए गए हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इसके अलावा खोड़ा क्षेत्र में हाल ही में हुई एक हत्या की घटना के बाद से माहौल काफी तनावपूर्ण बना हुआ है। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को एनकाउंटर में मार गिराया था जबकि मुख्य आरोपी के पिता नवाब को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है और मामले की जड़ तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
गाजियाबाद में यह बुलडोजर कार्रवाई उत्तर प्रदेश सरकार की अवैध निर्माणों के खिलाफ चल रही व्यापक मुहिम का हिस्सा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में धांपुर का दौरा किया और पाकिस्तान से आए हिंदू परिवारों को उनके अधिकार दिलाने की बात कही। प्रशासन का संदेश स्पष्ट है कि कानून का शासन सबसे ऊपर है और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
