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कश्मीर के गुलमर्ग में दुनिया के तीसरे सबसे ऊंचे रोपवे में खराबी आने से करीब 300 पर्यटक बर्फीली ऊंचाइयों पर फंस गए। सेना ने जोखिम भरा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर फंसे लोगों को बचाया। खराबी गोंडोला के मुख्य ऑपरेटिंग सिस्टम या केबल को घुमाने वाली शाफ्ट से जुड़ी है।
कश्मीर के गुलमर्ग में दुनिया के तीसरे सबसे ऊंचे रोपवे (गोंडोला) में अचानक खराबी आ गई, जिससे करीब 300 पर्यटक बर्फीली ऊंचाइयों पर मौत के साए में फंस गए। यह घटना तब हुई जब गोंडोला के मुख्य ऑपरेटिंग सिस्टम या केबल को घुमाने वाली शाफ्ट में तकनीकी गड़बड़ी आई।
शुरुआती रेस्क्यू ऑपरेशन स्थानीय पुलिस ने शुरू किया, लेकिन जब भारतीय सेना ने मोर्चा संभाला तो जोखिम भरे ऑपरेशन में तेजी दिखाई दी। सेना के जवानों ने एक-एक कदम सावधानी से उठाते हुए फंसे हुए पर्यटकों को सुरक्षित निकालने का काम किया। जवानों ने फंसे लोगों को हिम्मत बंधाते हुए कहा - आराम से ऊपर देखो, नीचे नहीं देखना है, हमारी तरफ देखते रहो।
गुलमर्ग का रोपवे दुनिया के सबसे ऊंचे केबल कारों में से एक है और हर साल लाखों पर्यटक इसका उपयोग करते हैं। इतनी ऊंचाई पर तकनीकी खराबी ने पर्यटकों में दहशत पैदा कर दी थी। बर्फीली हवाओं और ठंड के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन और भी चुनौतीपूर्ण हो गया था।
इसी बीच महाराष्ट्र के रायगढ़ में एक कार 800 फीट गहरी खाई में गिर गई जिसमें 8 लोगों की मौत हो गई। कर्नाटक में नदी में डूबने से 11 लोगों की जान गई। इन हादसों ने सुरक्षा मानकों और पर्यटन स्थलों पर बचाव तंत्र की तैयारी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
सेना के इस रेस्क्यू ऑपरेशन की सराहना हो रही है। जब भी देश पर कोई मुसीबत आती है, भारतीय सेना देवदूत बनकर सामने खड़ी होती है। गुलमर्ग की बर्फीली ऊंचाइयों पर जब 300 जिंदगियां मौत के साए में सिसक रही थीं, सेना के जवान उन्हें बचाने पहुंच गए।