हरियाणा के गुरुग्राम के सुशांत लोक इलाके में देर रात हुई एक खूनी मुठभेड़ ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी। डीडी न्यूज़ के अनुसार, इस मुठभेड़ में चार बदमाश मारे गए, जबकि रात के सन्नाटे में हुई ताबड़तोड़ फायरिंग ने इलाके के लोगों को दहशत में डाल दिया। पुलिस के लिए यह कार्रवाई एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।
पूरे मामले की जड़ रंगदारी से जुड़ी बताई जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, दीपक नादर गैंग से ताल्लुक रखने वाला एक आरोपी एसजीटी यूनिवर्सिटी के मालिक और कारोबारी विशाल बेरी से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांग रहा था। जब यह रकम उसे नहीं मिली, तो उसने कारोबारी को निशाना बनाने के इरादे से अपने शूटरों को उनके घर भेज दिया।
बताया जा रहा है कि पांच हथियारबंद बदमाश एक काली स्कॉर्पियो में सवार होकर विशाल बेरी के घर के सामने पहुंचे। धीरे-धीरे गाड़ी घर के बाहर रुकी और एक-एक कर पांचों बदमाश बाहर निकले। उनके इरादे बेहद खतरनाक थे और उनका सीधा निशाना कारोबारी का घर था।
हालांकि, बदमाशों को इस बात की भनक नहीं थी कि पुलिस पहले से ही वहां तैनात थी। जैसे ही शूटरों ने घर की ओर गोलियां चलानी शुरू कीं, घर के अंदर और आसपास मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजा और जवाबी कार्रवाई की। कुछ ही देर में क्राइम ब्रांच की कई टीमें भी मौके पर पहुंच गईं।
दोनों ओर से हुई इस फायरिंग में पचास से भी ज्यादा राउंड चले। देर रात हुई इस खूनी मुठभेड़ के बाद जो तस्वीर सामने आई, उसमें चार बदमाश मारे गए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गुरुग्राम के इतिहास में संभवतः यह पहली बार हुआ है जब एक ही मुठभेड़ में चार अपराधियों को मार गिराया गया हो।
मारे गए बदमाश दीपक नादर गैंग से जुड़े बताए जा रहे हैं, और इस पूरी घटना को आपसी गैंगवार तथा रंगदारी से जोड़कर देखा जा रहा है। एक साथ चार शूटरों का इस तरह मारा जाना पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है, जिससे इलाके में सक्रिय आपराधिक गिरोहों को कड़ा संदेश गया है।
इस बीच, मुठभेड़ में मारे गए एक नाबालिग शूटर के परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। परिवार के इन आरोपों के बीच पूरे मामले की बारीकी से जांच की बात कही जा रही है, ताकि घटना से जुड़े सभी पहलुओं और शामिल लोगों की भूमिका को स्पष्ट किया जा सके।
