एक पांच मंजिला होटल में सुबह के वक्त भीषण आग लग गई जो देखते ही देखते सभी पांच मंजिलों में फैल गई। आग इतनी तेजी से फैली कि होटल में मौजूद लोगों को बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिला। एक महिला ने कूदकर अपनी जान बचाई।
दमकल कर्मियों का मौके पर पहुंचना और राहत पहुंचाना बेहद मुश्किल रहा। संकरी गलियों के कारण दमकल की बड़ी गाड़ियां आसानी से नहीं पहुंच सकीं। कई दमकल गाड़ियां लगाकर आग पर काबू पाने की कोशिश की गई।
जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। होटल को मात्र छह कमरों की अनुमति मिली थी लेकिन बाद में करीब बीस से पच्चीस कमरे बना दिए गए और एक पूर्ण कमर्शियल होटल चलाया जा रहा था। यह स्पष्ट रूप से अवैध निर्माण का मामला है।
इसके अलावा पता चला कि होटल के पास कई तरह के जरूरी लाइसेंस नहीं थे। बिना फायर सेफ्टी क्लियरेंस और अन्य अनिवार्य अनुमतियों के यह होटल संचालित किया जा रहा था जो सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग लगने का कारण किसी एसी में शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। होटल के नीचे करन नाम का एक रेस्टोरेंट भी स्थित है। लाइसेंसिंग की प्रक्रिया अलग-अलग होती है लेकिन दोनों के पास आवश्यक अनुमतियां नहीं थीं।
यह घटना एक बार फिर भारत में अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी का भयावह परिणाम सामने लाती है। अनुमति से अधिक कमरे बनाना, फायर सेफ्टी उपकरणों का अभाव और संकरी गलियों में बहुमंजिला इमारतें बनाना जानलेवा साबित हो रहा है।
अधिकारियों ने होटल मालिक के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। अवैध निर्माण और बिना लाइसेंस संचालन के मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग उठ रही है। विशेषज्ञ मांग कर रहे हैं कि ऐसे सभी अवैध होटलों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों की तत्काल जांच की जाए।
