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मुंबई के घाटकोपर में सागरपार सोसाइटी में बकरीद की कुर्बानी के लिए करीब 25 बकरे बिना बीएमसी की अनुमति के लाए जाने पर भारी बवाल मच गया। बीजेपी नेता किरीट सोमैया भी विरोध करने पहुंचे। भारी पुलिस बल तैनात किया गया और अंत में बकरों को सोसाइटी से बाहर निकालना पड़ा।
मुंबई के घाटकोपर इलाके में बकरीद की कुर्बानी को लेकर सागरपार सोसाइटी में भारी बवाल मच गया। सुबह से ही सोसाइटी में लोगों की भीड़ जमा होने लगी जब यह खबर फैली कि बीएमसी की अनुमति के बिना करीब 25 बकरे कुर्बानी के लिए सोसाइटी परिसर में लाए गए हैं। स्थानीय निवासियों ने इस पर तीखा विरोध जताया और पुलिस को बुलाया गया।
विरोध की खबर मिलते ही भारतीय जनता पार्टी के नेता किरीट सोमैया पूरे दलबल के साथ घाटकोपर की सोसाइटी पहुंच गए। उन्होंने कहा कि ईद की कुर्बानी तय जगह पर होनी चाहिए, सोसाइटी में बकरे क्यों लाए गए। सोमैया ने इसे हिंदुओं को डराने की कोशिश बताते हुए कहा कि ऐसी मानसिकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनकी मौजूदगी से माहौल और भी तनावपूर्ण हो गया।
दूसरी ओर सोसाइटी की चेयरमैन ने दावा किया कि बीएमसी से उन्हें यहां कुर्बानी की मंजूरी मिली हुई थी और सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की गई थीं। उन्होंने कहा कि चारों तरफ से पैक था और कोई भी नियम का उल्लंघन नहीं हुआ। हालांकि बीजेपी नेताओं और कुछ निवासियों के भारी विरोध के बाद बीएमसी ने अपनी मंजूरी रद्द कर दी, जिससे विवाद और गहरा गया।
त्योहार पर माहौल न बिगड़े इसलिए प्रशासन ने भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी। आखिरकार जिन लोगों ने बकरे लाए थे उन्हें सोसाइटी से बकरों को बाहर निकालना पड़ा। पुलिस की मौजूदगी में बकरों को सोसाइटी परिसर से हटाया गया। इसी तरह की घटना गुरुगांव में भी सामने आई जहां एक सोसाइटी में बकरा दिखने पर बवाल मच गया।
यह घटना बकरीद से ठीक एक दिन पहले हुई जब पूरे देश में ईद उल अजहा की तैयारियां जोरों पर हैं। कई राज्यों में प्रशासन ने पहले से ही सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं कि कुर्बानी केवल निर्धारित स्थानों पर ही की जाए, सड़कों पर नमाज न पढ़ी जाए और किसी भी प्रतिबंधित पशु की कुर्बानी न दी जाए। उत्तर प्रदेश से लेकर महाराष्ट्र तक पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाले और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। मुंबई की यह घटना दर्शाती है कि त्योहारों के दौरान सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना अभी भी एक चुनौती बनी हुई है।