बिहार के मुजफ्फरपुर में एक निजी मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल में भीषण आग लग गई जिसमें तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। यह पांच मंजिला अस्पताल था जहां करीब एक सौ पच्चीस बेड की व्यवस्था थी और विभिन्न प्रकार की बीमारियों का इलाज किया जाता था।
आग अस्पताल की ऊपरी मंजिल पर स्थित आईसीयू में लगी जहां गंभीर हालत वाले मरीज भर्ती थे। बचाव दल ने आईसीयू से पंद्रह से बीस मरीजों को सुरक्षित निकाला लेकिन कई मरीज पहले से ही गंभीर स्थिति में थे जिससे उनकी हालत और बिगड़ गई।
आग लगने के बाद अस्पताल में अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया। मरीजों के परिजन जो अस्पताल में मौजूद थे उन्होंने खुद मरीजों को बाहर निकालने की कोशिश की क्योंकि अस्पताल प्रबंधन और कर्मचारी मौके से फरार हो गए थे।
इस घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सवाल उठ रहे हैं कि क्या अस्पताल के पास सभी आवश्यक सुरक्षा मानक और अग्निशमन उपकरण मौजूद थे। आईसीयू जैसी संवेदनशील जगह पर कूलिंग सिस्टम और अग्नि सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था थी या नहीं इसकी जांच की जा रही है।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देश के कई शहरों में आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं। दिल्ली में अग्निकांड मामले में होटल मालिक लवकेश को पुलिस ने गिरफ्तार किया है जबकि गुजरात के गांधी नगर में भी एक दिन में आग लगने की दो घटनाएं हुई हैं।
फिरोजपुर में एक रेस्तरां में आग लगी तो मुरादाबाद में एक गद्दे की फैक्ट्री भी आग में खाक हो गई। इन लगातार हो रही आगजनी की घटनाओं ने अस्पतालों और व्यावसायिक भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन पर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।
मुजफ्फरपुर के इस अस्पताल में मरने वालों में से कई मरीज ऐसे थे जो पहले से ही गंभीर स्थिति में भर्ती थे। कुछ मरीजों को दूसरे अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
