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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने घोषणा की कि NEET परीक्षा में सुधार के तहत प्रश्न पत्रों को ले जाने में भारतीय वायु सेना की मदद ली जाएगी। यह कदम पेपर लीक की घटनाओं को रोकने और परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए उठाया जा रहा है। इसके अलावा परीक्षा के बुनियादी ढांचे को तैयार करने पर भी जोर दिया जाएगा।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NEET परीक्षा प्रणाली में एक बड़े सुधार की घोषणा की है। एनडीटीवी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, अब प्रश्न पत्रों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने में भारतीय वायु सेना की सहायता ली जाएगी, जो इस प्रक्रिया को अभूतपूर्व स्तर की सुरक्षा प्रदान करेगी।
यह निर्णय पिछले कुछ वर्षों में NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की बार-बार होने वाली घटनाओं के बाद लिया गया है। प्रश्न पत्रों की सुरक्षा परीक्षा प्रणाली की सबसे कमजोर कड़ी रही है, और वायु सेना की भागीदारी इस समस्या का एक ठोस समाधान प्रस्तुत करती है।
शिक्षा मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि परीक्षा के लिए बुनियादी ढांचे यानी इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूत किया जाएगा। इसमें परीक्षा केंद्रों की तकनीकी क्षमता बढ़ाना, निगरानी प्रणालियों को उन्नत करना और पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना शामिल है।
पूर्व भारतीय क्रिकेटर दिलीप शास्त्री ने NEET विवादों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि दोष बच्चों को नहीं, बल्कि सिस्टम को मिलना चाहिए। उनकी यह टिप्पणी लाखों छात्रों और अभिभावकों की भावना को व्यक्त करती है जो वर्षों से एक निष्पक्ष और विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली की मांग कर रहे हैं।
NEET परीक्षा भारत में मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए सबसे महत्वपूर्ण परीक्षा है और हर साल लाखों छात्र इसमें शामिल होते हैं। वायु सेना की मदद से प्रश्न पत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है जो परीक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल करने में सहायक होगा।