पश्चिम बंगाल में अवैध अंग प्रत्यारोपण से जुड़े एक मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में डायमंड हार्बर जिला पुलिस ने सात नई गिरफ्तारियां की हैं, जिससे इस पूरे प्रकरण में कार्रवाई और तेज हो गई है।
इन नई गिरफ्तारियों के बाद मामले में पकड़े गए आरोपियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अब तक इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों की कुल संख्या बढ़कर सोलह हो गई है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एक ऐसा वांछित व्यक्ति भी शामिल है जो लंबे समय से फरार चल रहा था। बताया गया है कि इस फरार आरोपी को सिलीगुड़ी से गिरफ्तार किया गया, जहां वह कथित तौर पर मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद करीब पांच साल से छिपा हुआ था।
इस मामले की जांच एक एजेंसी द्वारा की जा रही है, जिसने जांच अपने हाथ में ली हुई है। जानकारी के मुताबिक, एजेंसी पहले ही इस मामले में छह आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, जो जांच की दिशा को दर्शाता है।
जांच में अब आर्थिक पहलू पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बताया गया है कि जांच का फोकस उन पैसों और संपत्तियों पर है, जो कथित तौर पर अवैध अंग प्रत्यारोपण गतिविधियों के जरिए कमाए गए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, मामले से जुड़ी कुछ अन्य कड़ियों की भी पड़ताल की जा रही है, जिनमें कुछ संदिग्ध अब भी फरार बताए जा रहे हैं। इन्हें पकड़ने के लिए प्रयास जारी हैं ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।
राज्य में इस तरह की कार्रवाइयों के बीच कानून व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाने की बात कही जा रही है। इस मामले में लगातार हो रही गिरफ्तारियां इस ओर इशारा करती हैं कि जांच एजेंसियां अवैध अंग प्रत्यारोपण के इस नेटवर्क की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।
