श्रीनगर की एक नर्स सरला भट के अपहरण और हत्या के मामले में करीब 36 वर्षों के बाद एक अहम कानूनी कदम सामने आया है। इतने लंबे अरसे के बाद इस मामले की चार्जशीट श्रीनगर की अदालत में दाखिल की गई है, जिससे एक ऐसा केस फिर से सुर्खियों में आ गया है जो दशकों से लंबित पड़ा था।
सरला भट कश्मीरी पंडित समुदाय से ताल्लुक रखती थीं और पेशे से नर्स थीं। बताया जाता है कि उन्होंने उस दौर में घाटी छोड़कर जाने के बजाय वहीं रहकर अपनी नौकरी जारी रखने का फैसला किया था। उन्हीं हालात में उनका अपहरण किया गया और बाद में उनकी हत्या कर दी गई।
अब जो चार्जशीट दाखिल की गई है, उसमें कुल पांच आरोपियों के नाम शामिल किए गए हैं, जिनमें जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के प्रमुख यासीन मलिक भी हैं। चार्जशीट में नामजद किए गए आरोपियों में से तीन की पहले ही मौत हो चुकी है, जबकि एक आरोपी पाकिस्तान भाग गया था।
यासीन मलिक इस समय एक अलग मामले में सजा काट रहा है। उसे आतंकवादी फंडिंग से जुड़े मुकदमे में दिल्ली की तिहाड़ जेल में उम्र कैद की सजा सुनाई जा चुकी है। ऐसे में सरला भट हत्याकांड में उसका नाम आना इस पुराने मामले को एक बार फिर कानूनी प्रक्रिया के दायरे में ले आया है।
यह घटना उस दौर से जुड़ी है जब करीब साढ़े तीन दशक पहले कश्मीर घाटी हिंसा की चपेट में थी और बड़ी संख्या में कश्मीरी पंडितों को निशाना बनाया गया तथा कई परिवारों को अपने घर छोड़ने पड़े। सरला भट की हत्या उसी दौर की घटनाओं में गिनी जाती है, जिनकी जांच और न्यायिक प्रक्रिया वर्षों तक अधूरी रही।
इतने लंबे समय बाद चार्जशीट दाखिल होना इस मामले में एक नई शुरुआत मानी जा रही है। अब आगे की कानूनी कार्यवाही अदालत में चलेगी, जहां आरोपों की सुनवाई होगी। फिलहाल नामजद व्यक्ति आरोपी हैं और मामले का अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
