उत्तराखंड के चंपावत जिले में एक बड़ा हादसा टल गया जब एसडीआरएफ़ की टीम ने उफनती नदी के बीच फँसे पचास श्रद्धालुओं को सुरक्षित बचा लिया। यह घटना ऐतिहासिक श्री रीठा साहिब गुरुद्वारा में आयोजित प्रसिद्ध जोड़ मेले के दौरान हुई जब अचानक बारिश के कारण नदी का जलस्तर तेज़ी से बढ़ गया।
एसडीआरएफ़ उत्तराखंड की सतर्कता और तुरंत कार्रवाई के चलते सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बचाव दल ने रस्सियों और अन्य उपकरणों की सहायता से नदी के बीच फँसे लोगों तक पहुँचकर उन्हें एक-एक करके सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया।
इस बीच गर्मी के मौसम में पहाड़ी इलाकों में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। केदारनाथ मार्ग पर बेकाबू भीड़ के कारण आवाजाही मुश्किल हो गई है जबकि नैनीताल, कैंची धाम, मनाली और रोहतांग में सड़कों पर वाहनों का भारी दबाव देखने को मिल रहा है।
मौसम विभाग ने पहाड़ी क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों में और बारिश की चेतावनी जारी की है जिससे नदियों में जलस्तर बढ़ने और भूस्खलन का ख़तरा बना हुआ है। प्रशासन ने तीर्थयात्रियों और पर्यटकों से सावधानी बरतने और नदी किनारे न जाने की अपील की है।
चंपावत की इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम की अनिश्चितता और आपदा प्रबंधन तैयारियों के महत्व को रेखांकित किया है। एसडीआरएफ़ की समय पर कार्रवाई से एक बड़ी त्रासदी टली और सभी पचास श्रद्धालु सकुशल बच गए।
