उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के कोचिंग सेंटर में लगी आग के मामले में मरने वालों की संख्या 15 बताई गई है। आज तक के बुलेटिन के अनुसार, इस अग्निकांड को लेकर अब सख्त कार्रवाई की जा रही है।
रिपोर्ट के अनुसार जिस इमारत में आग लगी थी, उसे गिराने की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही इस मामले में तत्कालीन अधिकारियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
सेफ्टी नियमों की अनदेखी करने वाले कोचिंग सेंटरों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है। बताया गया कि इस अग्निकांड के मामले में 6 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि संस्थान में बायोमेट्रिक लॉक के जरिए आने-जाने का रास्ता था। कहा गया कि अगर यह बायोमेट्रिक लॉक नहीं होता, तो ऊपर फंसे लोग भागकर अपनी जान बचा सकते थे।
इससे पहले घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए थे और घटनास्थल तथा अस्पताल का दौरा किया था। उन्होंने घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए और मृतकों के परिजनों को पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया था।
लखनऊ के इस अग्निकांड पर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने भी दुख जताया था। अब परिजन और लोग इस सवाल का जवाब मांग रहे हैं कि इस हादसे में हुई 15 मौतों का जिम्मेदार कौन है।
इस तरह लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद इमारत गिराने की तैयारी, 6 लोगों पर एफआईआर और कोचिंग सेंटरों पर कार्रवाई के साथ मामला आगे बढ़ रहा है।
