महाराष्ट्र के पुणे में पिंप्री-चिंचवड के मोशी इलाके में बुधवार को वेस्ट टू एनर्जी प्लांट की इमारत का एक हिस्सा ढह गया। भारी बारिश के बीच कचरे का पहाड़ तीन मंजिला इमारत पर आ गिरा और देखते ही देखते इमारत का बड़ा हिस्सा भरभराकर गिर गया।
प्रशासन के मुताबिक हादसे के वक्त इमारत के अंदर करीब 20 लोग मौजूद थे। इनमें से चार कर्मचारी दूसरी मंजिल से खुद सुरक्षित बाहर निकल आए, जबकि करीब 15 मजदूरों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।
राहत की बात यह रही कि प्रशासन का दावा है कि अंदर फंसे सभी 15 मजदूरों से मोबाइल फोन के जरिए संपर्क बना हुआ है। मौके पर पुलिस, दमकल और एनडीआरएफ की टीमें युद्ध स्तर पर बचाव अभियान चला रही हैं।
राहत कर्मियों ने बताया कि मलबे में दबे एक व्यक्ति का हाथ फंसा हुआ था, जिसे पाइप के जरिए ऑक्सीजन और पानी पहुंचाया गया। कंक्रीट को काटकर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है, और राहत कार्य में कई गाड़ियां जुटी हुई हैं।
बताया जा रहा है कि कचरे का यह पहाड़ इमारत से करीब 30 मीटर की दूरी पर था। पिछले दो-तीन दिनों से हो रही लगातार भारी बारिश के कारण यह मलबा भूस्खलन की तरह तेजी से इमारत की ओर आ गिरा।
घटनास्थल पर बचाव अभियान लगातार जारी है और फंसे हुए मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन हालात पर करीबी नजर बनाए हुए है।
