जांच एजेंसियों ने पूरे हिंदुस्तान को दहलाने की एक खौफनाक और बड़ी साजिश का पर्दाफाश किया है। आईएसआई, अंडरवर्ल्ड और विदेशी गैंगस्टरों का एक ऐसा नेटवर्क सामने आया है जिसके निशाने पर देश के सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण ठिकाने थे।
गिरफ्तार आतंकियों ने जांच एजेंसियों के सामने ऐसे खुलासे किए हैं जिन्हें सुनकर अधिकारी भी हैरान रह गए। उनके निशाने पर मुंबई का प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर और भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (बार्क) समेत कई अन्य महत्वपूर्ण स्थान थे।
यह साजिश कई बड़े शहरों को एक साथ निशाना बनाने की योजना थी। आईएसआई का पाकिस्तानी नेटवर्क, अंडरवर्ल्ड के सक्रिय तत्व और विदेशों से संचालित गैंगस्टर मिलकर इस खतरनाक मॉड्यूल को चला रहे थे।
सिद्धिविनायक मंदिर को निशाना बनाने की योजना विशेष रूप से चिंताजनक है क्योंकि यह मुंबई के सबसे लोकप्रिय और भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों में से एक है। यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं और किसी भी हमले में भारी जनहानि हो सकती थी।
भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर का निशाने पर होना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से और भी गंभीर है। यह भारत के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ा एक अत्यंत संवेदनशील प्रतिष्ठान है और इस पर किसी भी प्रकार का हमला देश की रणनीतिक सुरक्षा को गंभीर खतरे में डाल सकता था।
जांच एजेंसियों ने समय रहते इस साजिश का भंडाफोड़ कर बड़ी त्रासदी को टाल दिया। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके अंतरराष्ट्रीय संपर्कों का पता लगाया जा रहा है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां मिलकर इस नेटवर्क की पूरी जड़ तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।
यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब भारत पहले से ही सीमा पार आतंकवाद के खतरे से जूझ रहा है। आईएसआई और अंडरवर्ल्ड के गठजोड़ से संचालित इस तरह के मॉड्यूल देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बने हुए हैं और सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता की मांग करते हैं।
