मालवीय नगर के होटल अग्निकांड में 21 लोगों की मौत के बाद दिल्ली पुलिस ने होटल मालिक लोकेश बजाज और उनके तीन साझेदारों की तलाश शुरू कर दी है। एनडीटीवी इंडिया के अनुसार तीनों पार्टनर इस समय गायब हैं।
पुलिस ने इस मामले में गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। जांच में पता चला है कि यह होटल बेड एंड ब्रेकफास्ट के रूप में लाइसेंस प्राप्त था जिसमें केवल 6 कमरों की अनुमति थी लेकिन वास्तव में 20 कमरे चलाए जा रहे थे।
यह लाइसेंस करीब आठ साल पहले जारी किया गया था। सवाल उठ रहा है कि कैसे 6 कमरों का लाइसेंस 20 कमरों में तब्दील हो गया और इतने सालों तक किसी प्राधिकरण ने इस उल्लंघन पर कार्रवाई क्यों नहीं की।
एनडीटीवी के संवाददाता रवीश और मुकेश इलाके में रियलिटी चेक कर रहे हैं। आसपास के होटलों की जांच से पता चल रहा है कि इसी तरह के अनेक होटल संकरी गलियों में बने हुए हैं जहां 20-22 कमरे अवैध रूप से चलाए जा रहे हैं।
इन होटलों में सुरक्षा मानकों का खुला उल्लंघन पाया जा रहा है। संकरी गलियों में बनी इमारतों में आपातकालीन निकास का अभाव, अग्निशमन उपकरणों की कमी और बेसमेंट में अवैध कमरे बनाना आम बात है।
दिल्ली में यह पहली बार नहीं है जब अवैध निर्माण और सुरक्षा उल्लंघन के कारण बड़ा हादसा हुआ है। विवेक विहार में 6 और राम चौक में 9 लोगों की आग में जान जा चुकी है लेकिन हर बार कार्रवाई के वादे अधूरे रह जाते हैं।
अधिकारियों ने सभी अवैध इमारतों को सील करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। लेकिन विशेषज्ञ सवाल उठा रहे हैं कि जब तक व्यवस्थागत सुधार नहीं होते तब तक ऐसे हादसे दोहराते रहेंगे।
