गाजियाबाद में बकरीद के मौके पर एक हिंदू छात्र सूर्या की बीच सड़क पर चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस खौफनाक वारदात ने गाजियाबाद से लेकर लखनऊ और नोएडा तक हड़कंप मचा दिया था। पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी असद का एनकाउंटर कर दिया।
पुलिस के अनुसार घटना की शुरुआत बाइक चलाने को लेकर हुए विवाद से हुई थी। विवाद के बाद असद अपने घर चला गया और अपने पिता को पूरी बात बताई। पुलिस का बड़ा दावा है कि पिता ने ही बेटे को सूर्या की हत्या के लिए उकसाया था। नवाब ने कहा कि सूर्या को सबक सिखाना है।
पिता के उकसाने के बाद असद ने दोस्तों के साथ मिलकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। सूर्या पर बीच सड़क पर चाकू से कई वार किए गए जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना इतनी संगीन थी कि पूरे उत्तर प्रदेश में सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर सवाल उठने लगे।
यूपी पुलिस ने असद का पता लगाकर उसका पीछा किया। जब पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की तो असद ने बाइक से भागते हुए पुलिस पर फायरिंग की। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और इस गोलीबारी में असद ढेर हो गया। मौके पर एंबुलेंस भी पहुंची लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
सूर्या की माता ने एनकाउंटर से पहले ही इसकी मांग की थी। एनकाउंटर के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया और कहा कि ऐसे गुंडे को जीने का कोई अधिकार नहीं था। उन्होंने कहा कि जिसने उनके बच्चे को बीच सड़क पर चाकू से गोदकर मार डाला उसके लिए मरना ही अच्छा था।
उत्तर प्रदेश के डीजीपी ने इस मामले पर कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपराधियों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत प्रदेश में अपराध और अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई हो रही है। रोजाना मीटिंग होती है और कानून व्यवस्था को बनाए रखने की दिशा में काम किया जा रहा है।
इस मामले ने एक बार फिर सांप्रदायिक तनाव और सड़क पर हिंसा के मुद्दे को सामने लाया है। पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि उत्तर प्रदेश में अपराधियों का हिसाब किया जाता है और इस एनकाउंटर ने यह संदेश दे दिया है कि कानून तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
