दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में हौज रानी बाजार स्थित लेमन ग्रीन रेस्तरां और ऊपर स्थित होटल में बुधवार सुबह भीषण आग लग गई जिसमें कम से कम 21 लोगों की जान चली गई। आग सुबह करीब पौने नौ बजे लगी और तेजी से पूरी इमारत में फैल गई।
दमकल विभाग की आठ गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और 40 से अधिक लोगों को बचाकर अस्पतालों में भर्ती कराया गया। बेसमेंट में भी कमरे बनाए गए थे जहां से करीब आठ मरीजों को निकाला गया। बचाव कार्य में देरी हुई क्योंकि बाहर निकलने का रास्ता केवल एक ही था।
मृतकों में मध्य एशिया और अफ्रीका के विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। यह होटल दिल्ली सरकार की बेड एंड ब्रेकफास्ट योजना के तहत चल रहा था जिसमें केवल 6 कमरों का लाइसेंस दिया गया था लेकिन अधिकारियों ने पाया कि यहां 25 कमरे चलाए जा रहे थे।
विशेष पुलिस आयुक्त और उप पुलिस आयुक्त समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और मौका मुआइना किया। गृह मंत्री आशीष सोदी भी मौके पर पहुंचे और सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की घोषणा की।
उप पुलिस आयुक्त ने बताया कि डीएम के मातहत नगर निगम दमकल बिजली विभाग और पानी विभाग की टीमें मिलकर सभी ऐसी इमारतों की जांच करेंगी जिनमें किसी भी तरह का उल्लंघन पाया जाएगा और शाम तक ऐसी इमारतों को सील किया जाएगा।
यह हादसा दिल्ली में अग्निकांड की बढ़ती घटनाओं की श्रृंखला में नवीनतम है। इससे पहले विवेक विहार में छह लोगों की और राम चौक में नौ लोगों की आग में जान जा चुकी है। हर बार कार्रवाई के वादे किए जाते हैं लेकिन अवैध निर्माण और सुरक्षा उल्लंघन जारी रहता है।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को मुआवजे की घोषणा की है। अग्निशमन विशेषज्ञों का कहना है कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में अवैध निर्माण और एक ही निकास मार्ग होना ऐसी त्रासदियों का प्रमुख कारण बना हुआ है।
