उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सार्वजनिक स्थलों पर नमाज़ पढ़ने को लेकर सख्त रुख अपनाई है। उन्होंने साफ कहा कि सड़कों, पार्कों या सार्वजनिक स्थलों पर नमाज़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अफसरों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई तय है। उन्होंने बरेली की पिछले साल की घटना का भी जिक्र किया जब जुमे की नमाज़ के बाद हिंसा भड़की थी।
योगी सरकार का तर्क है कि सार्वजनिक सड़कों, पार्कों और सार्वजनिक स्थलों पर धार्मिक आयोजन से आम लोगों को परेशानी होती है और इसे रोकना ज़रूरी है। हालांकि विपक्ष ने इस बयान पर धार्मिक स्वतंत्रता का सवाल उठाया है।
एक तरफ कानून व्यवस्था बनाए रखने की दलील है तो दूसरी तरफ धार्मिक स्वतंत्रता की बहस है। यह मुद्दा भारत में सार्वजनिक स्थलों पर धार्मिक आयोजनों को लेकर चल रही व्यापक चर्चा का हिस्सा है।
