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उत्तराखंड के चमोली में बाढ़ से नीती घाटी का पुल बहा, आवाजाही ठप

उत्तराखंड के चमोली में बाढ़ से नीती घाटी का पुल बहा, आवाजाही ठप | AVALW News

उत्तराखंड के चमोली जिले में नीती घाटी की ओर बने एक पुल को अचानक आई बाढ़ बहा ले गई। उफनते पानी की तेज धारा में पुल के साथ-साथ पास खड़े एक ट्रक और क्रेन भी बह गए। घटना में अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। मौके पर एसडीआरएफ और आईटीबीपी की टीमें भेजी गई हैं और नीती घाटी की ओर आवाजाही रोक दी गई है, जबकि लगातार बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है।

उत्तराखंड के चमोली जिले में नीती घाटी की ओर बने एक पुल को अचानक आई बाढ़ अपने साथ बहा ले गई। उफनते पानी की तेज धारा की चपेट में आकर पुल पूरी तरह बह गया, और घटनास्थल के पास मौजूद एक ट्रक तथा एक क्रेन भी पानी के प्रवाह में तिनके की तरह बह गए। पुल के बहने की यह घटना उस समय हुई जब क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के चलते नाले और नदी का जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ गया।

राहत की बात यह रही कि इस घटना में अब तक किसी के हताहत होने की कोई सूचना सामने नहीं आई है। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस के साथ-साथ एसडीआरएफ और आईटीबीपी की टीमों को भेजा गया है, जो बचाव और राहत कार्य में जुट गई हैं। टीमें स्थिति का जायजा ले रही हैं और यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इलाके में कोई पर्यटक तो नहीं फंसा है।

पुल के बह जाने से नीती घाटी की ओर आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है, जिससे इस दुर्गम क्षेत्र का संपर्क शेष हिस्सों से कट गया है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर इस मार्ग पर आवागमन पर रोक लगा दी है, ताकि बढ़ते जलस्तर और बहते मलबे के बीच किसी और अनहोनी से बचा जा सके। घाटी की ओर जाने वाले रास्ते के अवरुद्ध होने से स्थानीय लोगों और यात्रियों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

घटना के जो दृश्य सामने आए हैं, वे स्थिति की भयावहता को बयां करते हैं। एक वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह उफनते पानी की चपेट में आकर पुल के साथ-साथ भारी वाहन तक बह गए और लोग बेबस होकर यह मंजर देखते रह गए। पहाड़ी क्षेत्र में इस तरह अचानक जलस्तर का बढ़ना और ढांचों का बह जाना वहां रहने वालों तथा आने-जाने वालों के लिए बड़ा खतरा बन गया है।

क्षेत्र में हो रही भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिसे देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया है। पुलिस और राहत एजेंसियां नदी किनारे रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर चले जाने की अपील कर रही हैं। बढ़ते जलस्तर और खराब मौसम के बीच बचाव दलों के लिए राहत कार्य को अंजाम देना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

फिलहाल एसडीआरएफ, आईटीबीपी और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर बनी हुई हैं और संपर्क बहाल करने तथा प्रभावित लोगों तक पहुंचने के प्रयासों में जुटी हैं। पहाड़ी इलाकों में मानसून के दौरान इस तरह की घटनाएं जान-माल के लिए गंभीर संकट खड़ा कर देती हैं, और प्रशासन का पूरा ध्यान इस समय आवाजाही सामान्य करने तथा किसी भी संभावित नुकसान को रोकने पर केंद्रित है।

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